धर्मेंद्र का निधन: बॉलीवुड के ही-मैन को श्रद्धांजलि देने वाले उद्योगपति
धर्मेंद्र का निधन
प्रसिद्ध बॉलीवुड अभिनेता धर्मेंद्र अब हमारे बीच नहीं रहे। उन्होंने 89 वर्ष की आयु में सोमवार को अंतिम सांस ली। लगभग 300 फिल्मों में अपने अभिनय से उन्होंने दर्शकों के दिलों में एक विशेष स्थान बनाया। उनके निधन से न केवल फिल्म उद्योग में शोक की लहर है, बल्कि व्यापार जगत के कई प्रमुख व्यक्तियों ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी है। गौतम अडानी, अनिल अग्रवाल और नवीन जिंदल जैसे उद्योगपतियों ने सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट साझा किए हैं।
जन्मदिन से पहले अलविदा
धर्मेंद्र का निधन 24 नवंबर, 2025 को हुआ। वह कुछ समय से बीमार थे और हाल ही में मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती हुए थे। उनकी तबीयत में सुधार होने के बाद उन्हें 12 नवंबर को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी, लेकिन सोमवार को अचानक उनकी मृत्यु की दुखद खबर आई। उन्हें मुंबई के पवन हंस श्मशान घाट पर अंतिम विदाई दी गई। 8 दिसंबर 1935 को जन्मे धर्मेंद्र का जन्मदिन अगले महीने था, लेकिन वे इससे पहले ही इस दुनिया को छोड़ गए।
गौतम अडानी की भावुक श्रद्धांजलि
धर्मेंद्र के निधन पर फिल्म और राजनीतिक जगत में शोक की लहर है। अरबपति गौतम अडानी ने ट्विटर पर एक भावुक पोस्ट में उन्हें याद किया। उन्होंने लिखा, "आज, भारतीय सिनेमा की रोशनी धुंधली हो रही है, और मेरे बचपन का एक हिस्सा भी। हम इस दुनिया में धर्मेंद्र जी को मिस करेंगे, लेकिन स्क्रीन पर उनकी चमक हमेशा बनी रहेगी।" अडानी ने आगे कहा, "जब भी दोस्ती की कहानियां सुनाई जाएंगी, हम इस दोस्ती को नहीं तोड़ेंगे... हम उन्हें जरूर याद करेंगे। धरम पाजी, आपको मेरी विनम्र श्रद्धांजलि।"
"भारत ने एक असली ही-मैन खो दिया"
इंडस्ट्रियलिस्ट नवीन जिंदल ने भी धर्मेंद्र को श्रद्धांजलि देते हुए लिखा, "भारत ने आज एक असली ही-मैन खो दिया।" कई पीढ़ियां उन्हें यह बताते हुए बड़ी हुईं कि एक सच्चा जेंटलमैन कैसा दिखता है। धर्मेंद्र जी की विरासत हमेशा उनके निभाए गए हीरो की तरह ज़िंदा रहेगी, जो हिम्मत, दया और ईमानदारी से भरे हुए थे। उनके परिवार और लाखों फैंस के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। लेजेंड्स याद नहीं रहते, उन्हें महसूस किया जाता है।
अनिल अग्रवाल का श्रद्धांजलि संदेश
वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने भी धर्मेंद्र को याद करते हुए उन्हें एक सच्चा हीरो बताया। उन्होंने लिखा, "धर्मेंद्र हमारे समय के एक असली हीरो थे। एक छोटे से गांव से मुंबई की चमकती दुनिया तक का उनका सफर हर उस इंसान की कहानी है जो सपने देखने और उन्हें पूरा करने में विश्वास रखता है।"