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धर्मेंद्र और अगस्त्य नंदा की फिल्म 'इक्कीस' ने सिनेमाघरों में मचाई धूम

धर्मेंद्र की अंतिम फिल्म 'इक्कीस' और अमिताभ बच्चन के पोते अगस्त्य नंदा की डेब्यू फिल्म आज सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई है। फिल्म ने एडवांस बुकिंग में 5 करोड़ रुपये से अधिक का कलेक्शन किया है। दर्शकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया और नए साल का जश्न इसे एक सफल शुरुआत की उम्मीद दे रहा है। जानें फिल्म की कहानी और धर्मेंद्र के प्रति फैंस की भावनाएँ।
 

फिल्म 'इक्कीस' का रिलीज़

बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र की अंतिम फिल्म और अमिताभ बच्चन के पोते अगस्त्य नंदा की पहली फिल्म 'इक्कीस' आज 1 जनवरी को सिनेमाघरों में प्रदर्शित हुई है। इस फिल्म में धर्मेंद्र और अगस्त्य के साथ-साथ जयदीप अहलावत और सिमर भाटिया भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में हैं। दर्शक इस फिल्म का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे, और इसकी एडवांस बुकिंग पहले से ही शुरू हो चुकी थी। आइए जानते हैं कि फिल्म ने एडवांस बुकिंग में कितना कलेक्शन किया है।


इक्कीस के टिकटों की बिक्री

अगस्त्य और धर्मेंद्र की इस फिल्म ने 'अवतार: फायर एंड ऐश' को भी कड़ी टक्कर दी है। दोनों फिल्मों की प्री-सेल्स में कोई खास अंतर नहीं है। एक रिपोर्ट के अनुसार, 'इक्कीस' ने एडवांस बुकिंग से 5 करोड़ रुपये से अधिक का कलेक्शन करने की संभावना जताई है। फिल्म के कुल 35,000 टिकट बिक चुके हैं, और इसकी चर्चा चारों ओर हो रही है, जिससे उम्मीद है कि यह डबल डिजिट में कमाई करेगी।


फिल्म की शुरुआत पर उम्मीदें

'इक्कीस' को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। सोशल मीडिया पर भी इसकी चर्चा जोरों पर है, और नए साल के मौके पर इस फिल्म को अच्छी शुरुआत मिलने की उम्मीद की जा रही है।


धर्मेंद्र के प्रति फैंस की भावनाएँ

धर्मेंद्र के बारे में बात करें तो यह उनकी आखिरी फिल्म है, और इसको लेकर फैंस काफी भावुक हैं। फिल्म में धर्मेंद्र ने अगस्त्य नंदा के पिता का किरदार निभाया है। फिल्म के प्रीमियर पर धर्मेंद्र के दोनों बेटे, सनी देओल और बॉबी देओल, काफी इमोशनल नजर आए थे। दोनों ने अपने पिता की तस्वीर के सामने फोटो खिंचवाई थी।


फिल्म 'इक्कीस' की कहानी

'इक्कीस' सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल की कहानी पर आधारित है, जिन्हें सबसे कम उम्र में परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया था। यह सम्मान उन्हें उनकी मृत्यु के बाद मिला। अरुण खेत्रपाल ने 1971 में भारत-पाकिस्तान युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, जिसमें उन्होंने दुश्मनों के 10 टैंकों को नष्ट किया।