धनुष: भारतीय सिनेमा का बहुआयामी सितारा, जो हर भूमिका में बिखेरता है जादू
धनुष का अद्वितीय सफर
नई दिल्ली, 27 जुलाई। भारतीय फिल्म उद्योग में जब भी सहजता, उत्कृष्ट अभिनय और विविधता की चर्चा होती है, धनुष का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। अपनी सरलता और अद्वितीय अभिनय कौशल के चलते उन्होंने न केवल तमिल सिनेमा में बल्कि बॉलीवुड और हॉलीवुड में भी अपनी पहचान बनाई है।
धनुष का जन्म 28 जुलाई 1983 को तमिलनाडु में प्रसिद्ध निर्देशक कस्तूरी राजा के घर हुआ। उनका असली नाम वेंकटेश प्रभु कस्तूरी राजा है। धनुष ने कभी अभिनेता बनने का सपना नहीं देखा था, बल्कि वे शेफ बनना चाहते थे। लेकिन अपने पिता और भाई (निर्देशक सेल्वाराघवन) के प्रोत्साहन पर उन्होंने अभिनय की दुनिया में कदम रखा।
धनुष ने 18 नवंबर 2004 को रजनीकांत की बेटी ऐश्वर्या से विवाह किया। उनके दो बेटे यात्रा और लिंगा हैं, जिनका जन्म क्रमशः 2006 और 2010 में हुआ। हालांकि, अब धनुष और ऐश्वर्या अलग हो चुके हैं। इस जोड़े ने 2022 में तलाक की घोषणा की, जिसे नवंबर 2024 में कोर्ट ने मंजूरी दी।
धनुष ने 2002 में फिल्म 'तुल्लुवधो इलमई' से अपने करियर की शुरुआत की, जिसे दर्शकों ने सराहा। उन्होंने कई बेहतरीन फिल्में की हैं, जिनसे उनके अभिनय की सराहना हुई। 2011 में आई फिल्म '3' का गाना "व्हाइट दिस कोलावेरी डी" इंटरनेट पर तेजी से वायरल हुआ, जिसे धनुष ने खुद गाया और लिखा। इस गाने ने उन्हें देश-विदेश में लोकप्रियता दिलाई।
2014 में आई फिल्म 'वेलाईइल्ला पट्टाधारी' (वीआईपी) में बेरोजगार इंजीनियर रघुवरन की भूमिका निभाकर उन्होंने युवाओं के दिलों में खास जगह बनाई। इस फिल्म की सफलता के बाद इसका सीक्वल भी बनाया गया।
धनुष ने 2013 में आनंद एल. राय की फिल्म 'रांझणा' से बॉलीवुड में कदम रखा। कुंदन के किरदार में उनके अभिनय ने सभी का दिल जीत लिया। इसके बाद वे 'अतरंगी रे' और 'शमिताभ' जैसी फिल्मों में भी नजर आए। उन्होंने हॉलीवुड फिल्म 'द एक्स्ट्राऑर्डिनरी जर्नी ऑफ द फकीर' और नेटफ्लिक्स की एक्शन फिल्म 'द ग्रे मैन' में भी काम किया।
धनुष केवल एक अभिनेता नहीं हैं, बल्कि वे सिनेमा के विभिन्न क्षेत्रों में भी सक्रिय हैं। उन्होंने कई लोकप्रिय तमिल गाने गाए और लिखे हैं। उन्होंने फिल्म 'पा पांडी' से निर्देशन में कदम रखा और अपनी प्रोडक्शन कंपनी वंडरबार फिल्म्स के तहत कई सफल फिल्में बनाई हैं।
धनुष को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जैसे कई सम्मान प्राप्त हुए हैं, जिसमें 'आडुकलम' (2010) और 'असुरन' (2019) के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार शामिल है। इसके अलावा, निर्माता के रूप में फिल्म 'काका मुत्तै' और 'विशारनाई' के लिए भी उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार मिला है।