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दीपिका चिखलिया ने प्रयागराज में मां सीता के वरदान वाले पेड़ का किया दर्शन

दीपिका चिखलिया, जो रामायण में सीता का किरदार निभा चुकी हैं, ने हाल ही में प्रयागराज में एक पौराणिक बरगद के पेड़ का दर्शन किया। इस पेड़ का संबंध मां सीता के वरदान से है, और स्थानीय लोगों का मानना है कि यहां मन्नत मांगने वालों की इच्छाएं पूरी होती हैं। दीपिका ने इस स्थान के महत्व को साझा किया और अपनी नई ओटीटी सीरीज 'आंटी, प्लीज स्पीक इंग्लिश' के बारे में भी बताया। जानें इस पवित्र स्थल की और भी खासियतें।
 

दीपिका चिखलिया का पौराणिक सफर


मुंबई, 22 अप्रैल। रामानंद सागर की प्रसिद्ध 'रामायण' में सीता का किरदार निभाने वाली दीपिका चिखलिया आज भी दर्शकों के दिलों में जीवित हैं।


वह आज भी मां सीता के रूप में जानी जाती हैं। वर्तमान में, दीपिका चिखलिया पवित्र प्रयागराज में एक यात्रा का हिस्सा बनने पहुंची हैं, जहां उन्होंने दर्शकों को उस स्थान से परिचित कराया है, जहां मां सीता ने एक पेड़ को अक्षय होने का आशीर्वाद दिया था।


दीपिका चिखलिया संगम तट पर स्थित एक प्राचीन और अमर बरगद के पेड़ के पास गईं, जिसका संबंध रामायण काल से है। अभिनेत्री ने बताया कि इस पेड़ और स्थान से कई पौराणिक कथाएं जुड़ी हुई हैं, और प्रभु श्रीराम तथा मां सीता का इस स्थल से गहरा संबंध है।


उन्होंने कहा कि भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण ने अपने वनवास के दौरान यहां विश्राम किया था। इसके अलावा, कुरुक्षेत्र में भी एक अक्षय वट है, जो गीता के उपदेश का साक्षी माना जाता है। यह वृक्ष मां सीता द्वारा अक्षय वरदान प्राप्त कर चुका है और सदियों से हरा-भरा है।


दीपिका ने इस पौराणिक बरगद के पेड़ के नीचे भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण की प्रतिमाएं भी दर्शकों को दिखाई, जिनके दर्शन के लिए भक्त यहां आते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इसी पेड़ के नीचे ब्रह्मा जी ने कई यज्ञ किए थे और यज्ञ का कुंड आज भी वहां मौजूद है। यह अक्षय बरगद का वृक्ष मनोकामना पूर्ति का प्रतीक माना जाता है।


स्थानीय लोगों का मानना है कि यहां आकर मन्नत मांगने वालों की इच्छाएं कभी अधूरी नहीं जातीं। जो भी प्रयागराज आता है, उसे इस पवित्र स्थान पर अवश्य आना चाहिए।


इसके अलावा, दीपिका चिखलिया टीवी और ओटीटी प्लेटफार्म पर भी सक्रिय हैं। उन्होंने हाल ही में एक नया माइक्रो-ड्रामा शो 'आंटी, प्लीज स्पीक इंग्लिश' पेश किया है, जिसे दर्शकों द्वारा काफी सराहा जा रहा है। इससे पहले, वह 'बड़ी हवेली की छोटी ठकुराइन' और 'धरतीपुत्र नंदिनी' में भी नजर आ चुकी हैं।