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दिशा सालियान मामले में नया मोड़: आदित्य ठाकरे और अनिल देशमुख को 500 करोड़ का मानहानि नोटिस!

दिशा सालियान की मौत के मामले में उनके पिता ने शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे और पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख को 500 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेजा है। इस नोटिस में उनके द्वारा दिए गए कुछ बयानों पर आपत्ति जताई गई है। सतीश सालियान ने मांग की है कि ये बयान वापस लिए जाएं और सार्वजनिक माफी मांगी जाए। इस मामले में सीबीआई जांच भी चल रही है, जिसमें कई प्रमुख नाम शामिल हैं। जानें इस विवाद की पूरी कहानी और इसके पीछे की सच्चाई।
 

दिशा सालियान की मौत का मामला फिर से गरमाया

मुंबई, 17 सितंबर। दिशा सालियान की मौत से जुड़े मामले में एक नया कानूनी विवाद सामने आया है। दिशा के पिता, सतीश सालियान, ने शिवसेना (यूबीटी) के नेता आदित्य ठाकरे और पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख को 500 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेजा है। इस नोटिस में उन नेताओं द्वारा दिए गए कुछ बयानों पर आपत्ति जताई गई है। सतीश ने मांग की है कि ये बयान वापस लिए जाएं, सार्वजनिक माफी मांगी जाए, और उन्हें 500 करोड़ रुपये का हर्जाना दिया जाए। इसके लिए उन्हें 7 दिन का समय दिया गया है।


यह नोटिस उस समय आया है जब दिशा सालियान की मौत का मामला फिर से चर्चा में है और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) इसकी जांच कर रही है। बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई ने इस मामले में एफआईआर दर्ज की है और पुराने जांच रिकॉर्ड, पुलिस की कार्रवाई, गवाहों के बयान, फॉरेंसिक और पोस्टमॉर्टम से जुड़े दस्तावेजों की नए सिरे से जांच शुरू की है।


मानहानि नोटिस में सतीश सालियान ने आदित्य ठाकरे और अनिल देशमुख के कुछ बयानों पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि इन बयानों ने उनके और उनके परिवार की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाया है। इसी कारण उन्होंने दोनों नेताओं से बयान वापस लेने और माफी मांगने की अपील की है। फिलहाल, इस नोटिस पर दोनों नेताओं की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।


दिशा सालियान, जो सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर थीं, 8 जून 2020 को मुंबई के मलाड क्षेत्र में एक इमारत से गिरने के बाद मृत पाई गई थीं। प्रारंभिक जांच में मुंबई पुलिस ने इसे आत्महत्या माना था, यह कहते हुए कि हत्या या साजिश के कोई ठोस सबूत नहीं मिले। हालांकि, सतीश सालियान ने इस निष्कर्ष पर सवाल उठाते हुए अपनी बेटी की मौत की परिस्थितियों की नए सिरे से जांच की मांग की और मामला बॉम्बे हाईकोर्ट तक पहुंचाया।


हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान कई जांच पहलुओं पर सवाल उठाए गए। अदालत ने सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान, पंचनामा और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट समेत जांच से जुड़े रिकॉर्ड पर गौर किया। इसके बाद अदालत ने मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी को सौंपने का आदेश दिया। कोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई ने एफआईआर दर्ज कर जांच अपने हाथ में ली। इस एफआईआर में आदित्य ठाकरे, सूरज पंचोली, डिनो मोरिया और रिया चक्रवर्ती जैसे कई नाम शामिल हैं।


इस मामले में आदित्य ठाकरे ने दिशा सालियान से किसी भी तरह के संबंध होने से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि वह दिशा से कभी नहीं मिले और उनका नाम राजनीतिक कारणों से इस मामले में जोड़ा जा रहा है। उन्होंने इसे अपनी छवि को नुकसान पहुंचाने की साजिश बताया है और कहा है कि जांच एजेंसियों को बिना राजनीतिक हस्तक्षेप के काम करने दिया जाना चाहिए।