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दिव्यांका त्रिपाठी ने जुड़वा बच्चों के जन्म के बाद काम पर लौटने की चुनौतियों पर किया खुलासा

दिव्यांका त्रिपाठी ने हाल ही में जुड़वा बच्चों के जन्म के बाद काम पर लौटने की चुनौतियों के बारे में खुलासा किया। उन्होंने बताया कि बच्चों को अकेला छोड़ना कितना कठिन हो गया है और कैसे उनके पति विवेक दहिया ने इस सफर में उनका समर्थन किया है। अभिनेत्री ने महिलाओं की तुलना न करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। जानें उनके अनुभव और विचार इस दिलचस्प लेख में।
 

दिव्यांका त्रिपाठी की नई यात्रा

मुंबई, 13 अक्टूबर। अभिनेत्री दिव्यांका त्रिपाठी वर्तमान में अपने पति विवेक दहिया के साथ रियलिटी शो 'पति पत्नी और पंगा' में भाग ले रही हैं। हाल ही में, उन्होंने जुड़वा बच्चों के जन्म के बाद काम पर लौटने में आने वाली कठिनाइयों के बारे में चर्चा की।


दिव्यांका ने साझा किया कि बच्चों को अकेला छोड़ना उनके लिए अब एक चुनौती बन गया है, क्योंकि वे बड़े हो रहे हैं और अपने चारों ओर की चीजों को जानने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि बच्चों की देखभाल का अनुभव उनके बढ़ने के साथ बदल रहा है।


उन्होंने कहा, "इस समय बच्चों को संभालना थोड़ा आसान है, क्योंकि वे अभी केवल सोते और खाते हैं, लेकिन मुझे पता है कि जल्द ही वे घुटनों के बल चलने लगेंगे। वे धीरे-धीरे खुद को आगे बढ़ाने लगे हैं। मेरे लिए उन्हें कुछ मिनटों के लिए भी अकेला छोड़ना कठिन है, इसलिए मुझे उन्हें सेट पर भी साथ लाना पड़ता है। यह आसान नहीं है।"


दिव्यांका ने यह भी बताया कि लोग उनकी जल्दी काम पर लौटने पर आश्चर्यचकित होते हैं। उन्होंने कहा, "मैं हमेशा कहती हूं कि महिलाएं इतनी आसानी से 'बाउंस बैक' नहीं कर पातीं। हम भले ही कैमरे के सामने मुस्कुराते हैं, लेकिन अंदर से दर्द और थकान महसूस होती है।"


उन्होंने यह स्पष्ट किया कि उन्हें काम पर लौटने की कोई मजबूरी नहीं थी, फिर भी उन्होंने ऐसा किया। एक मां के लिए घर पर रहना और काम करना दोनों ही कठिन होते हैं।


दिव्यांका ने जोर देकर कहा कि मां बनने के बाद महिलाओं की तुलना नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा, "हर किसी की स्थिति अलग होती है, इसलिए महिलाओं को अपनी यात्रा पर विश्वास करना चाहिए। मैं यह इसलिए कह रही हूं ताकि कोई भी एक महिला की तुलना दूसरी से न करे।"


अंत में, उन्होंने अपने परिवार और पति का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने उन्हें मां बनने के साथ-साथ काम को संभालने में समर्थन दिया। दिव्यांका ने कहा, "मैं हिम्मत दिखा रही हूं, लेकिन इसके पीछे विवेक का साथ है। मेरी फैमिली मुझसे कहती है कि तुम कर लोगी। काम करना हमारे मानसिक स्वास्थ्य के लिए अच्छा है।"