दिवंगत गायक एसपी बालासुब्रमण्यम: भारतीय संगीत के अनमोल रत्न की यादें
एसपी बालासुब्रमण्यम का संगीत सफर
मुंबई, 24 सितंबर। भारतीय सिनेमा के महान गायक एसपी बालासुब्रमण्यम ने कई दशकों तक संगीत की दुनिया में अपनी अनूठी छाप छोड़ी। उन्होंने न केवल हिंदी, बल्कि तेलुगु, तमिल, कन्नड़ और अन्य भाषाओं में भी गाने गाए। उनकी आवाज ने कई प्रमुख कलाकारों को पहचान दिलाई, यही कारण है कि उन्हें देश के प्रतिष्ठित फिल्म और नागरिक पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।
उनकी उपलब्धियों का जश्न
25 सितंबर को उनकी पुण्यतिथि पर, उनके अद्वितीय योगदान को याद करते हुए, उनके नाम 6 राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और पद्म श्री, पद्म भूषण से लेकर मरणोपरांत पद्म विभूषण जैसे कई महत्वपूर्ण सम्मान दर्ज हैं।
नेशनल फिल्म अवॉर्ड की यात्रा
बालासुब्रमण्यम ने अपने करियर में छह बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीते। उनका पहला पुरस्कार 1979 में तेलुगु फिल्म 'शंकराभरणम' के लिए मिला। इसके बाद, 1981 में हिंदी फिल्म 'एक दूजे के लिए' के गाने 'तेरे मेरे बीच में' के लिए उन्हें बेस्ट मेल प्लेबैक सिंगर का राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुआ।
तेलुगु सिनेमा में उनकी पहचान
इसके बाद, बालासुब्रमण्यम ने तेलुगु सिनेमा में अपनी पकड़ को और मजबूत किया। 1983 में फिल्म 'सागर संगमम' और 1988 में 'रुद्रवीणा' के लिए उन्हें फिर से राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला। यह उनके विविध संगीत शैलियों में महारत का प्रमाण था।
अनेक पुरस्कारों की सूची
उनके पुरस्कारों की सूची यहीं खत्म नहीं होती। 1995 में कन्नड़ फिल्म 'संगीत सागर गानयोगी पंचाक्षर गवई' के लिए उन्हें बेस्ट मेल प्लेबैक सिंगर का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला। अगले वर्ष, 1996 में, तमिल फिल्म 'मिनसारा कनवु' के गाने 'थंगा थमराई' के लिए उन्होंने अपना छठा राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीता।
सरकारी सम्मान
भारत सरकार ने उन्हें 2001 में पद्म श्री से सम्मानित किया। इसके बाद, 2011 में उन्हें पद्म भूषण मिला और 2021 में, उनके निधन के बाद, उन्हें मरणोपरांत पद्म विभूषण से नवाजा गया।
अन्य पुरस्कार और उपलब्धियां
बालासुब्रमण्यम को आंध्र प्रदेश के नंदी पुरस्कारों से भी कई बार सम्मानित किया गया है। उनके नाम 25 नंदी पुरस्कार हैं। इसके अलावा, उन्हें तमिलनाडु सरकार का कलैमामणि पुरस्कार और 2008 में कर्नाटक राज्योत्सव पुरस्कार भी मिला।
संगीत का विशाल योगदान
पांच दशकों से अधिक के करियर में, बालासुब्रमण्यम ने 16 भाषाओं में गाने गाए और 40,000 से अधिक गानों को रिकॉर्ड किया। उन्होंने प्लेबैक सिंगिंग के अलावा अभिनय, संगीत निर्देशन, डबिंग और फिल्म प्रोडक्शन में भी काम किया। 25 सितंबर 2020 को उनका निधन हो गया।