×

दिल्ली हाईकोर्ट ने विमल इलायची के ब्रांड एंबेसडर्स के मामले में सुनवाई से किया इनकार!

दिल्ली हाईकोर्ट ने विमल इलायची कंपनी की याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें कंपनी ने अपने ब्रांड एंबेसडर्स शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ के खिलाफ महाराष्ट्र FDA द्वारा जारी नोटिस को रद्द करने की मांग की थी। अदालत ने कहा कि इस मामले में क्षेत्रीय अधिकार नहीं है और इसे महाराष्ट्र की अदालतों में सुनवाई के लिए भेजा जाना चाहिए। अब विमल इलायची और उनके ब्रांड एंबेसडर्स को महाराष्ट्र में कानूनी प्रक्रिया का सामना करना होगा।
 

दिल्ली हाईकोर्ट का महत्वपूर्ण निर्णय

दिल्ली हाईकोर्ट ने विमल इलायची कंपनी द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया है। इस याचिका में कंपनी ने अपने ब्रांड एंबेसडर्स शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ के खिलाफ महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस को रद्द करने की मांग की थी। अदालत ने स्पष्ट किया कि इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट का क्षेत्रीय अधिकार नहीं है और इसे महाराष्ट्र की अदालतों में सुनवाई के लिए भेजा जाना चाहिए।


मामले की सुनवाई का संदर्भ

<a style="border: 0px; overflow: hidden" href=https://youtube.com/embed/t7tFNoxVIPs?autoplay=1&mute=1><img src=https://img.youtube.com/vi/t7tFNoxVIPs/hqdefault.jpg alt=""><span><div class="youtube_play"></div></span></a>" style="border: 0px; overflow: hidden;" width="640">


जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने सोमवार को इस मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि विवाद का मुख्य केंद्र महाराष्ट्र है। नोटिस मुंबई स्थित महाराष्ट्र FDA द्वारा जारी किया गया था, जो कि कथित गतिविधियों और कानूनी उल्लंघनों से संबंधित है। इसलिए, दिल्ली हाईकोर्ट में इस याचिका पर सुनवाई संभव नहीं है।


मामले की पृष्ठभूमि

अदालत ने यह भी कहा कि नोटिस से संबंधित शिकायतों और कार्रवाई के लिए महाराष्ट्र की अदालतें अधिक उपयुक्त हैं। इसके अलावा, संबंधित ब्रांड एंबेसडर्स भी मुंबई के निवासी हैं, इसलिए मामले की सुनवाई वहीं होना अधिक उचित है।


महाराष्ट्र FDA ने 14 अगस्त को शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। यह नोटिस विमल इलायची के विज्ञापनों में उत्पाद की गलत प्रस्तुति के संबंध में था। FDA ने इन विज्ञापनों पर स्पष्टीकरण मांगा था।


कंपनी की याचिका का परिणाम

इसके बाद, विमल इलायची कंपनी ने दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया था, जिसमें उन्होंने ब्रांड एंबेसडर्स को जारी नोटिस को रद्द करने की मांग की थी। कंपनी का तर्क था कि उन्हें राहत दी जानी चाहिए, लेकिन हाईकोर्ट ने क्षेत्रीय अधिकार के आधार पर याचिका को स्वीकार नहीं किया।


अदालत ने स्पष्ट किया कि किसी मामले की सुनवाई के लिए यह आवश्यक है कि उसका संबंधित क्षेत्र से पर्याप्त संबंध हो। चूंकि नोटिस जारी करने वाली संस्था महाराष्ट्र में है और संबंधित गतिविधियां भी वहीं से जुड़ी हैं, इसलिए दिल्ली हाईकोर्ट इस मामले में हस्तक्षेप नहीं कर सकता।


आगे की कानूनी प्रक्रिया

हाईकोर्ट के इस निर्णय के बाद, विमल इलायची कंपनी और संबंधित ब्रांड एंबेसडर्स को अब महाराष्ट्र में कानूनी प्रक्रिया का सामना करना होगा। इस मामले में आगे की कार्रवाई महाराष्ट्र FDA और संबंधित अदालतों की प्रक्रिया के अनुसार होगी।


विमल इलायची के विज्ञापनों को लेकर पहले भी चर्चा होती रही है। खाद्य सुरक्षा और विज्ञापन में उत्पादों की प्रस्तुति को लेकर नियामक संस्थाएं समय-समय पर कार्रवाई करती रही हैं। इस मामले में भी महाराष्ट्र FDA द्वारा जारी नोटिस के बाद कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।