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दिल्ली हाईकोर्ट ने राजपाल यादव को चेक बाउंस मामले में सुनाई तीन महीने की सजा, जानें पूरा मामला

बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव को चेक बाउंस के मामलों में दिल्ली हाईकोर्ट से तीन महीने की जेल की सजा सुनाई गई है। अदालत ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए कहा कि अभिनेता का व्यवहार संतोषजनक नहीं रहा और उन्हें कर्ज चुकाने के लिए कई मौके दिए गए थे। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और क्या है आगे की प्रक्रिया।
 

राजपाल यादव को मिला बड़ा झटका


बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता राजपाल यादव को चेक बाउंस के मामलों में दिल्ली हाईकोर्ट से एक गंभीर झटका लगा है। अदालत ने ट्रायल कोर्ट के निर्णय को बरकरार रखते हुए उन्हें तीन महीने की जेल की सजा सुनाई है। यह सजा चेक बाउंस के सात अलग-अलग मामलों में दी गई है। हालांकि, अदालत ने यह स्पष्ट किया कि सभी सजाएं एक साथ चलेंगी, जिससे उन्हें कुल तीन महीने की ही सजा काटनी होगी।


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दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की एकल पीठ ने इस मामले में फैसला सुनाते हुए संबंधित अधिकारियों को राजपाल यादव को जेल भेजने का आदेश दिया। अदालत ने कहा कि अभिनेता का व्यवहार संतोषजनक नहीं रहा और उन्हें कर्ज चुकाने के लिए कई मौके दिए गए, लेकिन उन्होंने उनका पालन नहीं किया।


कोर्ट ने कहा कि राजपाल यादव को कंपनी का बकाया चुकाने के लिए पर्याप्त समय दिया गया, फिर भी उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों को पूरा नहीं किया। अदालत ने ट्रायल कोर्ट की सजा में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। सुनवाई के दौरान, राजपाल यादव के वकील ने उन्हें प्रोबेशन देने की मांग की, लेकिन हाईकोर्ट ने इसे खारिज कर दिया।


अदालत ने यह भी कहा कि यह पहला मौका नहीं है जब राजपाल यादव ने अदालत के समक्ष किए गए आश्वासनों का पालन नहीं किया। आदेश में उल्लेख किया गया कि उन्होंने अंतिम सुनवाई के दौरान कहा था, "मैं पांच बार जेल जाने को तैयार हूं, लेकिन एक पैसा भी नहीं दूंगा।" अदालत ने इस कथन को अपने फैसले में महत्वपूर्ण माना।


हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि न्यायिक आदेशों का सम्मान और वित्तीय दायित्वों का पालन आवश्यक है। इसलिए, केवल राहत की मांग के आधार पर सजा में कोई रियायत नहीं दी जा सकती। यह मामला चेक बाउंस से जुड़े सात प्रकरणों से संबंधित है, जिनमें ट्रायल कोर्ट ने पहले ही राजपाल यादव को दोषी ठहराते हुए तीन महीने की सजा सुनाई थी। अब हाईकोर्ट द्वारा उस फैसले को बरकरार रखने के बाद अभिनेता को निर्धारित अवधि तक जेल में रहना होगा। यदि इस फैसले को किसी उच्च न्यायालय में चुनौती नहीं दी जाती, तो आदेश के अनुसार सजा प्रभावी रहेगी।