दिल्ली हाईकोर्ट ने 200 करोड़ की ठगी मामले में दीपक और प्रदीप को दी जमानत, जानें पूरा मामला
दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा फैसला
नई दिल्ली, 5 जून। दिल्ली के 200 करोड़ रुपये के ठगी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एक महत्वपूर्ण अपडेट आया है। दिल्ली हाईकोर्ट ने महाठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े मामले में गिरफ्तार दीपक रमनानी को मकोका और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों में नियमित जमानत प्रदान की है। इसके साथ ही, प्रदीप रमनानी को भी मकोका मामले में राहत देते हुए जमानत दी गई है।
सुनवाई के दौरान, दोनों आरोपियों के वकीलों ने अदालत को बताया कि उन्होंने काफी लंबा समय जेल में बिताया है।
यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि जांच एजेंसियों का आरोप है कि दीपक और प्रदीप रमनानी ने सुकेश चंद्रशेखर के निर्देश पर कई लोगों तक पैसे और महंगे उपहार पहुंचाने का कार्य किया। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच में यह सामने आया है कि इन्हीं के माध्यम से बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस और अन्य व्यक्तियों तक धन और कीमती उपहार भेजे गए थे।
यह मामला तब उजागर हुआ जब रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटर शिविंदर मोहन की पत्नी अदिति सिंह ने शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उनके पति अक्टूबर 2019 से जेल में हैं। 2020 और 2021 के बीच, सुकेश चंद्रशेखर ने अपने नेटवर्क के जरिए करोड़ों रुपये की ठगी और जबरन वसूली की।
सुकेश ने खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय, गृह मंत्रालय और कानून मंत्रालय का अधिकारी बताकर लोगों को विश्वास दिलाया कि सरकार उनकी मदद कर रही है। इसके बदले में भारी रकम की मांग की गई।
शिकायत में कहा गया है कि पहले कॉल पर यह कहा गया कि कानून मंत्रालय के सचिव अनूप कुमार उनसे बात करेंगे। इसके बाद कॉल में कहा गया कि सरकार कोरोना काल में सहयोग चाहती है और उनके पति की रिहाई में मदद की जाएगी। एक कॉल में यह भी दावा किया गया कि गृह मंत्री अमित शाह घटनास्थल पर मौजूद हैं। बाद में कॉलर आईडी पर पीएमओ के सलाहकार पीके मिश्रा का नाम दिखाई देने लगा, जिससे लोगों का विश्वास बढ़ गया।
दिल्ली पुलिस ने 200 करोड़ रुपये की ठगी और जबरन वसूली के मामले में सुकेश चंद्रशेखर और उनके सहयोगियों के खिलाफ मामला दर्ज किया। इस मामले में मकोका के तहत कार्रवाई की गई, जबकि ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज कर वित्तीय लेनदेन की जांच शुरू की। ईडी का दावा है कि बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस सुकेश के संपर्क में थीं और उन्होंने उससे महंगे उपहार और आर्थिक लाभ प्राप्त किए।