दिल्ली में अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव: बोमन ईरानी ने साझा की अपने करियर की अनकही बातें
दिल्ली में फिल्म महोत्सव का आयोजन
नई दिल्ली, 27 मार्च। दिल्ली के कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा ने 'इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल दिल्ली' (आईएफएफडी) में भाग लिया, जहां दिल्ली फिल्म सिटी के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।
इस अवसर पर बॉलीवुड अभिनेता बोमन ईरानी ने अपने करियर के प्रारंभिक दिनों की चर्चा की। इस समारोह में मनोज बाजपेयी, अर्जन बाजवा और फिल्म निर्माता निखिल आडवाणी भी शामिल हुए।
बोमन ईरानी ने अपने करियर के शुरुआती दिनों को याद करते हुए कहा, "मैंने हिंदी सिनेमा में कदम रखा और कई फिल्में कीं, लेकिन कुछ साल पहले मुझे एहसास हुआ कि मुझे अपनी खुद की फिल्म बनानी चाहिए। मेरे पास एक विचार था और एक पन्ने की स्क्रिप्ट भी थी। मैंने इसे पूरा करने के लिए कई सेशंस किए।"
अभिनेता ने यह भी बताया कि कोविड के दौरान उन्होंने लेखकों के साथ संवाद किया और नए लेखकों को मार्गदर्शन दिया। उनका मानना है कि मुंबई के साथ-साथ दिल्ली में भी ऐसी सुविधाएं होनी चाहिए।
अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव दिल्ली (आईएफएफडी) के बारे में मनोज बाजपेयी ने कहा, "दिल्ली में पहला अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव आयोजित किया गया है। पहले यह गोवा और मुंबई में होता था। मैं चाहता हूं कि इसे बड़े पैमाने पर आयोजित किया जाए ताकि अधिक से अधिक फिल्मों को स्क्रीनिंग मिल सके।"
अर्जन बाजवा ने दिल्ली सरकार का धन्यवाद करते हुए कहा, "गोवा के अलावा हमारे देश में कोई अन्य अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव नहीं है। यह पहल हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है।"
फिल्म निर्माता निखिल आडवाणी ने कहा, "देश में फिल्म महोत्सवों की संख्या बढ़ने से हमारे युवाओं को अपनी संस्कृति और विरासत को समझने का एक अद्भुत अवसर मिलेगा।"