दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज' को जी5 से हटाया गया
फिल्म 'सतलुज' की रिलीज और विवाद
अभिनेता और गायक दिलजीत दोसांझ की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'सतलुज', जो मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर आधारित है, को रिलीज के केवल दो दिन बाद ही ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 से हटा दिया गया है। यह फिल्म पिछले तीन वर्षों से सेंसरशिप के विवाद में उलझी हुई थी। इसे शुक्रवार को बिना किसी कट के रिलीज किया गया था, लेकिन रविवार शाम को अचानक इसे प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया।
जी5 का बयान
जी5 ने एक बयान जारी करते हुए दर्शकों को सूचित किया कि 'सतलुज' अब भारत में उपलब्ध नहीं है। बयान में कहा गया है, "वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए 'सतलुज' अगली सूचना तक भारत में उपलब्ध नहीं होगी। हम सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए इस फिल्म को जल्द से जल्द दर्शकों तक पहुंचाने के लिए प्रयासरत हैं।"
फिल्म की कहानी और स्टारकास्ट
'सतलुज' में दिलजीत ने खालड़ा का किरदार निभाया है, जिन्होंने 1984 से 1994 के बीच पंजाब में हजारों अज्ञात शवों के अंतिम संस्कार की जांच की थी। खालड़ा 1995 में लापता हो गए थे। फिल्म में अर्जुन रामपाल, कंवलजीत सिंह, सुविंदर विद्या और गीतिका विद्या ओहल्याण भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में हैं।
सेंसरशिप का सफर
इस फिल्म का नाम पहले 'पंजाब 95' रखा गया था, लेकिन सेंसर बोर्ड के साथ विवाद के बाद इसे 'सतलुज' नाम दिया गया। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि कानूनी प्रक्रियाओं के बाद यह फिल्म कब दोबारा दर्शकों के सामने आएगी।