टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग: मुंबई पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा, तीन आरोपी गिरफ्तार
टाइगर श्रॉफ की सुरक्षा में इजाफा
बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हाल ही में हुई फायरिंग की घटना के बाद, मुंबई पुलिस ने उनकी सुरक्षा को और मजबूत कर दिया है। प्रोटेक्शन ब्रांच ने उनके लिए बॉडीगार्ड तैनात किए हैं, साथ ही स्थानीय पुलिस स्टेशन से एक पुलिस अधिकारी और अतिरिक्त जवान भी उनकी सुरक्षा में लगाए गए हैं। इस बीच, हरियाणा के सोनीपत निवासी रेहान के दो दोस्तों, समीर और बोनी, को भी हिरासत में लिया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस ने इन युवकों को पूछताछ के लिए अपने साथ ले लिया है। समीर पहले रेहान का पड़ोसी रह चुका है। हालांकि, सोनीपत पुलिस ने इस कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। रेहान की मां शमशीदा ने बताया कि पुलिस ने समीर और बोनी को अपने साथ ले लिया है। अब पुलिस इनकी भूमिका को लेकर जानकारी जुटा रही है।
कोटा रेलवे स्टेशन से गिरफ्तारी
इससे पहले, टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के मामले में तीन आरोपियों को राजस्थान के कोटा रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया था। जानकारी के अनुसार, ये आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए नेपाल भागने की योजना बना रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपियों में 22 वर्षीय ऋतिक शामिल है, जो बिहार के बेगूसराय का निवासी है। उसका पिता रामू महतो है। ऋतिक मुंबई के अंधेरी वेस्ट में उर्दू स्कूल के पास रहता था और रैपिडो बाइक चलाता था। दूसरा आरोपी 18 वर्षीय रेहान है, जो हरियाणा के सोनीपत जिले का निवासी है। उसके पिता का नाम रशीदुद्दीन अंसारी है। तीसरा आरोपी एक 17 वर्षीय नाबालिग है, जिसकी पहचान सार्वजनिक नहीं की जा सकती।
सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता
टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग की घटना के बाद, पुलिस मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है। अभिनेता की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। प्रोटेक्शन ब्रांच के बॉडीगार्ड के साथ स्थानीय पुलिस की टीम भी उनकी सुरक्षा पर नजर रख रही है। जांच के दौरान आरोपियों के संपर्कों और संभावित मददगारों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। रेहान के दोस्तों को हिरासत में लेने के बाद, मामले की जांच का दायरा बढ़ने की संभावना है। हालांकि, उनकी कथित भूमिका और फायरिंग की साजिश में किसी भी तरह के संबंध की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। फिलहाल, पुलिस की जांच का मुख्य उद्देश्य फायरिंग के कारण, आरोपियों की भूमिका और घटना के पीछे शामिल अन्य लोगों की पहचान करना है।