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टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग: क्या टीवी न्यूज चैनल्स से मिल रहे थे निर्देश?

टाइगर श्रॉफ पर हुए फायरिंग मामले में मुंबई पुलिस की जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। आरोपियों और उनके हैंडलर के बीच फोन कॉल और मैसेज के जरिए संपर्क बना हुआ था। पुलिस को संदेह है कि टीवी न्यूज चैनलों पर नजर रखकर शूटर्स को जानकारी दी जा रही थी। इस मामले में अब तक 10 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जानें इस मामले में और क्या खुलासे हुए हैं और टाइगर श्रॉफ का क्या कहना है।
 

फायरिंग मामले में मुंबई पुलिस की जांच जारी




मुंबई, 24 अक्टूबर। टाइगर श्रॉफ पर हुए फायरिंग मामले की जांच मुंबई पुलिस द्वारा की जा रही है। इस मामले में यह पता चला है कि हमलावरों और उनके हैंडलर के बीच लगातार संपर्क बना हुआ था। पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए जो प्रयास किए, उनके दौरान भी उन्हें जानकारी दी जा रही थी।


जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि फायरिंग करने वाले शूटर्स अपने हैंडलर से फोन कॉल और मैसेज के माध्यम से जुड़े हुए थे। सूत्रों के अनुसार, जब शूटर्स की पहचान से संबंधित जानकारी सामने आई, तो हैंडलर ने उन्हें वहां से भागने की चेतावनी दी। इस दौरान, टीवी न्यूज पर चल रही खबरों पर भी उनकी नजर थी।


पुलिस के अनुसार, शूटर्स को यह बताया जा रहा था कि पुलिस उनकी पहचान और स्थान तक पहुँचने में कितनी प्रगति कर चुकी है। जब फायरिंग से संबंधित वीडियो और व्लॉगर्स द्वारा बनाए गए फुटेज टीवी चैनलों पर प्रसारित हुए, तब एक आरोपी रेहान अंसारी को वहां से भागने के लिए संदेश भेजा गया।


पुलिस को संदेह है कि कोई व्यक्ति टीवी न्यूज चैनलों पर नजर रखकर शूटर्स को जानकारी दे रहा था। हालांकि, यह पता लगाने में पुलिस जुटी हुई है कि वह व्यक्ति कौन था। रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस को शक है कि अमेरिका में मौजूद अनिल पंडित या हाल ही में सोनीपत से गिरफ्तार किए गए अंकित खटक और समीर खत्री का इसमें हाथ हो सकता है। लेकिन, टीवी न्यूज की जानकारी शूटर्स तक पहुँचाने वाले व्यक्ति की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है।


पुलिस ने आरोपियों के पास कुछ वीडियो, फोटो और बातचीत से जुड़ी जानकारी प्राप्त की है। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने पुलिस की गतिविधियों के बारे में अपडेट मिलने के बाद अपने यात्रा के साधनों को बदल दिया।


टाइगर श्रॉफ की कार पर 18 अक्टूबर को फायरिंग के बाद तीनों आरोपी बाइक से भाग गए थे। इसके बाद वे ट्रेन और कैब के माध्यम से विभिन्न स्थानों पर पहुंचे। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने मोबाइल नेटवर्क के बजाय इंटरनेट आधारित कॉलिंग का उपयोग किया, जिससे उनकी बातचीत को ट्रैक करना कठिन हो गया।


आरोपियों की एक सामान्य फोन कॉल कैब ड्राइवर से हुई थी, जिसके जरिए पुलिस को उनकी गतिविधियों का सुराग मिला। बाद में मुंबई पुलिस की सूचना पर राजस्थान के कोटा में तीनों को ट्रेन से गिरफ्तार किया गया। इस मामले में अब तक पुलिस 10 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। फायरिंग करने के आरोप में गिरफ्तार तीन आरोपी फूल सिंह (18), रेहान रहीसुद्दीन अंसारी (18) और ऋतिक महतो (22) 31 अक्टूबर तक पुलिस कस्टडी में रहेंगे।


एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि घटना के बाद पुलिस टाइगर श्रॉफ से बातचीत कर रही थी। उन्होंने कहा, "फायरिंग की घटना से मैं बहुत शॉक में हूं, मैंने कभी नहीं सोचा था कि मेरी गाड़ी पर इस तरह का हमला होगा।" टाइगर ने आगे कहा, "मेरी किसी से दुश्मनी नहीं है, ये लोग कौन थे, क्यों फायरिंग की और किसने कराया, मुझे कुछ नहीं पता।"


टाइगर श्रॉफ इस घटना के बाद काफी परेशान हो गए थे। क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने बताया कि इसी कारण से अभी तक उनका बयान दर्ज नहीं किया गया है। जल्द ही उनका बयान लिया जाएगा।