टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर फायरिंग: गैंग के वित्तीय नेटवर्क का चौंकाने वाला खुलासा!
मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच में नया मोड़
नई दिल्ली, 5 नवंबर। अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच ने गैंग के वित्तीय नेटवर्क से जुड़ी एक महत्वपूर्ण जानकारी का खुलासा किया है। जांच में यह सामने आया है कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने मुंबई में शूटरों तक पैसे पहुंचाने के लिए स्थानीय ऑटो-रिक्शा चालकों और छोटे दुकानदारों के बैंक खातों का सहारा लिया।
कैसे काम करता था गैंग का नेटवर्क?
गैंग ने कमीशन का लालच देकर इन चालकों और दुकानदारों के यूपीआई क्यूआर कोड प्राप्त किए, और फिर हरियाणा से इन खातों में पैसे ट्रांसफर किए। इस तरीके से गैंग ने अपनी गतिविधियों को छिपाने और जांच एजेंसियों को गुमराह करने की कोशिश की।
क्राइम ब्रांच के अनुसार, इस मनी ट्रेल में विदेश में बैठे गैंग के कथित मुख्य गुर्गे अनिल पंडित का नाम सामने आया है। आरोप है कि अनिल पंडित मुंबई में मौजूद शूटरों को लगातार निर्देश देता था।
शूटरों की गतिविधियाँ
जांच में यह भी पता चला कि शूटर पहले रिक्शा चालकों और दुकानदारों से उनके यूपीआई क्यूआर कोड हासिल करते थे। इसके बाद ये कोड अनिल पंडित को भेजे जाते थे। अनिल इन्हें अपने छोटे भाई अभिषेक पंडित तक पहुंचाता था। आरोप है कि अभिषेक की पत्नी सुनेहा पंडित हरियाणा के करनाल से इन क्यूआर कोड को स्कैन कर पैसे ट्रांसफर करती थी।
इसके बाद, मुंबई में मौजूद शूटर संबंधित व्यक्ति को कमीशन देकर बाकी रकम नकद ले लेते थे।
पुलिस की कार्रवाई
क्राइम ब्रांच ने डिजिटल फोरेंसिक और तकनीकी निगरानी की मदद से इस मनी ट्रेल की कई अहम कड़ियों का पता लगा लिया है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि सुनेहा पंडित ने कुल कितनी रकम मुंबई में मौजूद शूटरों और अन्य आरोपियों तक पहुंचाई थी।
अनिल पंडित का छोटा भाई अभिषेक पंडित फिलहाल वांछित है और खुफिया एजेंसियों को शक है कि वह विदेश में छिपा हुआ है।
रंगदारी का मामला
इसी बीच, लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर दिल्ली में एक अस्पताल संचालक से 20 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगने का मामला भी सामने आया है। शिकायतकर्ता शकील सैफी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है कि उन्हें व्हाट्सऐप कॉल के जरिए धमकी दी गई थी।
पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।