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टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग: हथियारों की सप्लाई नेटवर्क का खुलासा!

टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग की जांच में एक हथियारों की सप्लाई नेटवर्क का खुलासा हुआ है। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। जांच में पता चला है कि हथियार अमृतसर से लाए गए थे और इन्हें मुंबई पहुंचाने में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका थी। इस मामले में मास्टरमाइंड की पहचान की जा रही है, जो हरियाणा में छिपा हुआ है। जानें इस मामले की पूरी कहानी और आगे की जांच के बारे में!
 

फायरिंग मामले में नया मोड़

अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग की जांच में एक हथियारों की सप्लाई से जुड़ा नेटवर्क सामने आया है। पुलिस के अनुसार, इस फायरिंग में इस्तेमाल की गई पिस्टल और 20 कारतूस अमृतसर, पंजाब से प्राप्त किए गए थे। इसके बाद इन हथियारों को उत्तर प्रदेश की दो महिलाओं के माध्यम से मुंबई भेजा गया। दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को इस मामले में चार संदिग्धों, कुणाल, सुमित, राधा और बबीता को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि इन चारों का काम हथियार इकट्ठा करना और उन्हें शूटरों तक पहुंचाना था।


पहले की गिरफ्तारी

इससे पहले, पुलिस ने फायरिंग के आरोपियों, बिहार के ऋतिक और हरियाणा के रेहान व फूल सिंह को सोमवार को राजस्थान के कोटा से पकड़ा था। अब पुलिस हथियारों की व्यवस्था और उन्हें मुंबई पहुंचाने की प्रक्रिया की जांच कर रही है।


सोनीपत से शुरू हुई साजिश

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पुलिस के अनुसार, हरियाणा के सोनीपत के निवासी कुणाल और सुमित ने लॉरेंस गैंग के सदस्य अनिल पंडित के निर्देश पर हथियार इकट्ठा किए। जांच में पता चला है कि कुणाल जुलाई में सोनीपत जेल से बाहर आया था और उसके बाद अनिल पंडित से संपर्क किया। दोनों एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप के जरिए बातचीत कर रहे थे। पुलिस को संदेह है कि अनिल विदेश में रहकर अपने नेटवर्क को निर्देश दे रहा है।


अमृतसर से हथियारों की उठाईगीरी

जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, अनिल पंडित ने कुणाल को अमृतसर से हथियार लाकर मुंबई पहुंचाने का काम सौंपा था। कुणाल ने इस काम में सुमित को शामिल किया।


बताया गया है कि दोनों अमृतसर पहुंचे, जहां एक निश्चित स्थान पर पिस्टल और कारतूस रखे गए थे। कुणाल और सुमित ने वहां से हथियार उठाए। पुलिस का कहना है कि उन्हें यह नहीं बताया गया था कि हथियार किसने रखे थे। यह एक 'डेड लेटर बॉक्स' प्रणाली का हिस्सा था, जिसमें संपर्क की आवश्यकता कम होती है।


महिलाओं की भूमिका

पुलिस के अनुसार, अमृतसर से लाए गए हथियारों को मुंबई पहुंचाने में उत्तर प्रदेश की राधा और बबीता नाम की दो महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका थी। दिल्ली पुलिस ने कुणाल और सुमित के साथ इन दोनों महिलाओं को भी गिरफ्तार किया। चारों पर आरोप है कि उन्होंने हथियारों की व्यवस्था और उन्हें फायरिंग करने वाले आरोपियों तक पहुंचाने में मदद की।


मास्टरमाइंड का दावा

गिरफ्तार आरोपी रेहान की मां शमशीदा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि इस मामले का मास्टरमाइंड हरियाणा में छिपा हुआ है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है। पुलिस अब हथियारों की सप्लाई, आरोपियों के संपर्क और गैंग नेटवर्क की भूमिका की जांच कर रही है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि फायरिंग की योजना कैसे बनाई गई और हथियार शूटरों तक कैसे पहुंचे।