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जैकी श्रॉफ ने याद किए नंदा और फारूख शेख, साझा की पुरानी यादें

जैकी श्रॉफ ने हाल ही में नंदा की पुण्यतिथि और फारूख शेख की जयंती पर सोशल मीडिया पर भावुक श्रद्धांजलि दी। उन्होंने नंदा की पुरानी तस्वीरों के साथ एक वीडियो साझा किया और फारूख शेख की एक तस्वीर के साथ उनके जन्मदिन को याद किया। इस लेख में जानें इन दोनों दिग्गज कलाकारों के योगदान और जैकी की भावनाओं के बारे में।
 

जैकी श्रॉफ का भावुक श्रद्धांजलि


मुंबई, 25 मार्च। फिल्म इंडस्ट्री में कुछ कलाकार ऐसे होते हैं, जिनका योगदान हर पीढ़ी के दिलों में बस जाता है। ऐसे ही कलाकारों की यादें खास अवसरों पर ताजा हो जाती हैं। इस संदर्भ में, अभिनेता जैकी श्रॉफ ने हिंदी सिनेमा के दो महान कलाकारों को विशेष तरीके से याद किया। उन्होंने अभिनेत्री नंदा की पुण्यतिथि और अभिनेता फारूख शेख की जयंती के अवसर पर पुरानी यादों को इंस्टाग्राम पर साझा किया।


जैकी श्रॉफ ने नंदा को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि देते हुए एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें नंदा की कई पुरानी तस्वीरें शामिल थीं। इस वीडियो में उन्होंने फिल्म 'जब जब फूल खिले' का प्रसिद्ध गाना 'ये समा समा है प्यार का' का उपयोग किया। कैप्शन में जैकी ने लिखा, 'नंदा को उनकी पुण्यतिथि पर याद कर रहा हूं।'


नंदा का फिल्मी करियर लगभग 30 वर्षों तक चला, जिसमें उन्होंने कई यादगार फिल्मों में काम किया। उनकी प्रमुख फिल्मों में 'परिणीता', 'प्रायश्चित', 'कौन कातिल', 'असलियत', 'नया नशा', 'छोटी बहन', 'हम दोनों', 'आहिस्ता आहिस्ता', 'प्रेमरोग', 'मजदूर', 'भाभी' और 'गुमनाम' शामिल हैं। उनकी अंतिम फिल्म 'मजदूर' थी, जिसमें कई प्रमुख कलाकार थे। 2014 में दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया।


इसके बाद, जैकी श्रॉफ ने फारूख शेख को उनके जन्मदिन पर याद किया। उन्होंने उनकी एक पुरानी तस्वीर साझा की, जिसमें वह अपने अनोखे अंदाज में नजर आ रहे थे। इस तस्वीर के साथ उन्होंने फिल्म 'बाजार' का गाना 'फिर छिड़ी रात' का इस्तेमाल किया।


फारूख शेख हिंदी सिनेमा के उन कलाकारों में से एक थे, जिन्होंने अपनी सादगी और बेहतरीन अभिनय से एक अलग पहचान बनाई। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत थिएटर से की और 1973 में 'गर्म हवा' से फिल्मों में कदम रखा। उन्होंने सत्यजीत रे, साई परांजपे और ऋषिकेश मुखर्जी जैसे दिग्गजों के साथ काम किया और 'चश्मे बद्दूर', 'बाजार' और 'उमराव जान' जैसी फिल्मों से पहचान बनाई। वह टीवी और थिएटर में भी सक्रिय रहे और अपने सहज अभिनय के लिए जाने गए। 2013 में दुबई में दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया।