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जैकी श्रॉफ ने पृथ्वीराज कपूर की पुण्यतिथि पर भावुक श्रद्धांजलि दी

आज पृथ्वीराज कपूर की 54वीं पुण्यतिथि पर अभिनेता जैकी श्रॉफ ने उन्हें याद किया। जैकी ने इंस्टाग्राम पर एक भावुक पोस्ट साझा किया, जिसमें उन्होंने पृथ्वीराज कपूर को 'हमारे दिलों में सदैव रहने वाला' बताया। जानें कपूर परिवार की विरासत और पृथ्वीराज कपूर के सिनेमा में योगदान के बारे में।
 

पृथ्वीराज कपूर की 54वीं पुण्यतिथि पर जैकी श्रॉफ की यादें




मुंबई, 29 मई। हिंदी सिनेमा के प्रतिष्ठित अभिनेता और कपूर परिवार के संस्थापक पृथ्वीराज कपूर की 54वीं पुण्यतिथि आज है। इस अवसर पर अभिनेता जैकी श्रॉफ ने उन्हें याद किया।


जैकी ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी पर पृथ्वीराज कपूर की एक ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीर साझा करते हुए लिखा, "पृथ्वीराज कपूर जी, आप हमेशा हमारे दिलों में रहेंगे।"


पृथ्वीराज कपूर को 'भारतीय फिल्म उद्योग का भीष्म पितामह' माना जाता है। 1928 में लायलपुर (अब फैसलाबाद, पाकिस्तान) से मुंबई आने वाले पृथ्वीराज ने कई मूक फिल्मों में काम किया और हिंदी सिनेमा के सबसे प्रभावशाली कलाकारों में अपनी पहचान बनाई। उन्होंने 1931 में बनी भारत की पहली बोलती फिल्म 'आलम आरा' में भी अभिनय किया।


उनकी कुछ प्रमुख फिल्मों में 'मुगल-ए-आजम', जिसमें उन्होंने सम्राट अकबर की भूमिका निभाई, और 'सिकंदर', जिसमें वह सिकंदर महान के किरदार में नजर आए, शामिल हैं। 1944 में उन्होंने 'पृथ्वी थिएटर' की स्थापना की, जहां उन्होंने अपने कमाए हुए धन को नाटकों पर खर्च किया। उनके बेटे भी इन नाटकों में अभिनय करते थे।


सिनेमा में उनके योगदान को देखते हुए उन्हें 1952 में राज्यसभा का मनोनीत सदस्य बनाया गया। कला के क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए उन्हें 1969 में 'पद्म भूषण' से सम्मानित किया गया, और 1972 में उन्हें मरणोपरांत 'दादा साहेब फाल्के पुरस्कार' प्रदान किया गया।


पृथ्वीराज कपूर की विरासत उनके तीन बेटों- राज कपूर, शम्मी कपूर और शशि कपूर ने आगे बढ़ाई, जो हिंदी सिनेमा के दिग्गज सितारों में शामिल हुए। इसके बाद कपूर परिवार की अगली पीढ़ी में रणधीर कपूर, ऋषि कपूर, राजीव कपूर, करण कपूर, कुणाल कपूर और संजना कपूर जैसे नाम शामिल हुए। करिश्मा कपूर, करीना कपूर खान और रणबीर कपूर जैसी नई पीढ़ी ने भी इस विरासत को आगे बढ़ाया है।


कहा जाता है कि पृथ्वीराज कपूर अपने अंतिम वर्षों में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे, और इसी बीमारी के कारण उनका निधन हुआ। उनकी मृत्यु के लगभग दो सप्ताह बाद उनकी पत्नी रामसरनी मेहरा का भी निधन हो गया।