जावेद सिद्दीकी के 84वें जन्मदिन पर सुभाष घई ने किया खास सम्मान, जानें उनकी अनोखी यात्रा
सुभाष घई का जावेद सिद्दीकी को जन्मदिन का बधाई संदेश
मुंबई, 14 जनवरी। फिल्म निर्देशक और निर्माता सुभाष घई सोशल मीडिया पर अक्सर सक्रिय रहते हैं और हाल ही में उन्होंने अपने मित्र, हिंदी-उर्दू लेखक जावेद सिद्दीकी को उनके 84वें जन्मदिन पर बधाई दी।
सुभाष घई ने इंस्टाग्राम पर जावेद सिद्दीकी को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए एक खूबसूरत पल साझा किया। उन्होंने उन्हें 'सबसे वर्सेटाइल फिल्म और नाटक लेखक' के रूप में सम्मानित किया, जो कला, कविता और साहित्य का अद्भुत संगम प्रस्तुत करते हैं।
उन्होंने लिखा, "जावेद सिद्दीकी साहब को 84वें जन्मदिन की बधाई देना मेरे लिए एक विशेष और गर्मजोशी भरा अनुभव है। वह सबसे वर्सेटाइल फिल्म और नाटक लेखक हैं, जिन्होंने सत्यजीत रे और श्याम बेनेगल की फिल्मों से लेकर यश चोपड़ा की डीडीएलजे और मेरी फिल्मों जैसे परदेस और ताल तक में योगदान दिया है। इसके अलावा, उन्होंने 'तुम्हारी अमृता' जैसे नाटकों के साथ-साथ कई अन्य यादगार नाटक भी लिखे हैं।"
जावेद सिद्दीकी का जन्म 13 जनवरी 1942 को उत्तर प्रदेश के रामपुर में हुआ। उन्होंने उर्दू साहित्य में शिक्षा प्राप्त की और 1959 में मुंबई आकर पत्रकारिता की शुरुआत की। 1977 में सत्यजीत रे की फिल्म 'शतरंज के खिलाड़ी' से उन्होंने डायलॉग लेखन की यात्रा शुरू की।
उनकी प्रमुख फिल्मों में सत्यजीत रे और श्याम बेनेगल की कृतियाँ शामिल हैं। उन्होंने उमराव जान से लेकर कोई मिल गया जैसी फिल्मों के लिए लेखन किया।
उनकी कमर्शियल हिट्स में बाजीगर, डर, ये दिल्लगी, दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे, राजा हिंदुस्तानी, परदेस, ताल और कोई मिल गया जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्में शामिल हैं। सुभाष घई की परदेस और ताल में उनके डायलॉग्स ने विशेष पहचान बनाई।
उनका सबसे प्रसिद्ध नाटक 'तुम्हारी अमृता' है, जो अमेरिकी नाटक लव लेटर्स का हिंदी-उर्दू अनुवाद है। यह नाटक शबाना आजमी और फारूक शेख के साथ लंबे समय तक चला और एक कल्ट क्लासिक बन गया। इसके अलावा, उन्होंने कई अन्य यादगार नाटक भी लिखे हैं। वह आर्ट सिनेमा की गहराई और मेनस्ट्रीम के मनोरंजन दोनों को बखूबी संभालते हैं।