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चिरंजीवी और राम चरण की अमित शाह से मुलाकात: AI के दुरुपयोग पर चिंता जताई

तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री के दिग्गज अभिनेता चिरंजीवी और उनके बेटे राम चरण ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की, जिसमें उन्होंने AI और डीपफेक तकनीक के दुरुपयोग पर चिंता व्यक्त की। इस बातचीत में गृह मंत्री ने सख्त नियम बनाने का आश्वासन दिया। जानें इस मुद्दे पर और क्या कहा गया और कैसे यह फिल्म इंडस्ट्री के लिए महत्वपूर्ण है।
 

चिरंजीवी और राम चरण की महत्वपूर्ण मुलाकात

तेलुगु सिनेमा के मशहूर अभिनेता चिरंजीवी और उनके बेटे राम चरण ने सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस बातचीत में दोनों ने फिल्म उद्योग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डीपफेक तकनीक के बढ़ते दुरुपयोग के बारे में अपनी चिंताएं व्यक्त की। उनका मानना है कि इन तकनीकों का गलत इस्तेमाल कलाकारों की पहचान, व्यक्तिगत छवि और रचनात्मक अधिकारों के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है।


गृह मंत्री ने गंभीरता से सुनी बातें

चिरंजीवी ने सोशल मीडिया पर इस मुलाकात की तस्वीरें साझा कीं और बताया कि अमित शाह ने उनकी चिंताओं को गंभीरता से सुना। गृह मंत्री ने इस समस्या से निपटने के लिए सख्त नियम बनाने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके साथ ही, उन्होंने औपचारिक लिखित आवेदन देने की सलाह भी दी।


AI और डीपफेक पर चर्चा

चिरंजीवी ने अपने इंस्टाग्राम पर इस मुलाकात को सम्मानजनक बताया। उन्होंने कहा कि बातचीत में AI और डीपफेक के दुरुपयोग से उत्पन्न चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा हुई।


उनके अनुसार, डीपफेक तकनीक का उपयोग करके किसी कलाकार के चेहरे और आवाज का गलत इस्तेमाल कर आपत्तिजनक या भ्रामक वीडियो बनाए जा सकते हैं। इससे न केवल कलाकारों की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचता है, बल्कि उनके आत्मसम्मान और रचनात्मकता पर भी असर पड़ता है।


राम चरण की सकारात्मक प्रतिक्रिया

इस मुलाकात के बाद, राम चरण ने भी सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा कीं। उन्होंने अमित शाह के सकारात्मक दृष्टिकोण की सराहना की और कहा कि यह गंभीर समस्या समझना फिल्म इंडस्ट्री के लिए राहत की बात है।


राम चरण ने बताया कि गृह मंत्री ने AI और डीपफेक तकनीक के दुरुपयोग के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई के लिए आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया। उन्होंने उम्मीद जताई कि कलाकारों के अधिकारों और उनकी डिजिटल पहचान की सुरक्षा के लिए जल्द ही ठोस दिशा-निर्देश तैयार किए जाएंगे।


जान्हवी कपूर का मामला

AI के दुरुपयोग का एक प्रमुख मामला हाल ही में अभिनेत्री जान्हवी कपूर से जुड़ा था। फिल्म 'देवरा: पार्ट 1' के गाने 'चुट्टामल्ले' से जुड़े एक मॉर्फ्ड और आपत्तिजनक AI वीडियो के वायरल होने के बाद फिल्म इंडस्ट्री में नाराजगी देखने को मिली थी।


कई कलाकारों ने इस तरह के वीडियो बनाने और सोशल मीडिया पर फैलाने की आलोचना की। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया कि किसी की तस्वीर या वीडियो का इस्तेमाल उसकी अनुमति के बिना आपत्तिजनक कंटेंट बनाने के लिए कैसे किया जा सकता है।


चिरंजीवी की कड़ी प्रतिक्रिया

जान्हवी कपूर से जुड़े कथित मॉर्फ्ड वीडियो पर चिरंजीवी ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने ऐसे कंटेंट को शर्मनाक और पूरी तरह अस्वीकार्य बताया।


चिरंजीवी ने कहा कि यह सिर्फ किसी एक अभिनेत्री या फिल्म से जुड़ा मामला नहीं है। आज किसी दूसरे व्यक्ति के साथ ऐसा हो रहा है, कल इसका शिकार कोई भी बन सकता है। उन्होंने मांग की थी कि इस तरह के वीडियो बनाने और जानबूझकर फैलाने वालों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए।


रश्मिका मंदाना का मामला

साल 2023 में अभिनेत्री रश्मिका मंदाना का एक डीपफेक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस वीडियो में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर जारा पटेल के शरीर पर रश्मिका का चेहरा लगा दिया गया था। इस घटना ने देशभर में AI के दुरुपयोग और डिजिटल सुरक्षा को लेकर बहस छेड़ दी थी।


रश्मिका ने भी इस घटना पर नाराजगी जताई थी और इसे बेहद डरावना बताया था। मामले की जांच के बाद दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने जनवरी 2024 में आंध्र प्रदेश के गुंटूर से 24 वर्षीय बीटेक ग्रेजुएट ईमानी नवीन को गिरफ्तार किया था। उस पर वीडियो तैयार कर अपलोड करने का आरोप था।


सख्त नियमों की मांग

चिरंजीवी और राम चरण की गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद फिल्म इंडस्ट्री में कलाकारों की डिजिटल पहचान और निजी अधिकारों की सुरक्षा का मुद्दा फिर से चर्चा में आ गया है। कलाकारों की मांग है कि बिना अनुमति उनके चेहरे, आवाज और तस्वीरों का इस्तेमाल करके फर्जी या आपत्तिजनक कंटेंट बनाने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई होनी चाहिए।