गुलशन ग्रोवर: 'बैड मैन' की कहानी, संघर्ष से सफलता तक का सफर
गुलशन ग्रोवर का जन्मदिन और संघर्ष की कहानी
मुंबई, 20 सितंबर। हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में 'बैड मैन' के नाम से मशहूर अभिनेता गुलशन ग्रोवर को एक खतरनाक खलनायक के रूप में जाना जाता है। उन्होंने अपने करियर में विलेन की भूमिकाओं को एक नई पहचान दी है। गुलशन ग्रोवर का जन्म 21 सितंबर 1955 को दिल्ली में हुआ था।
हालांकि आज वह एक सफल जीवन जी रहे हैं, लेकिन उनके जीवन में ऐसे भी दिन थे जब उन्हें कई दिनों तक भूखे रहना पड़ा। उन्होंने अपने करियर में बहुत कम सकारात्मक भूमिकाएं निभाई हैं। 90 के दशक में, उन्होंने अपने अभिनय के बल पर कई बड़े सितारों को चुनौती दी, लेकिन इस सफलता के लिए उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा।
गुलशन ग्रोवर का बचपन कठिनाइयों से भरा रहा। एक समय ऐसा भी आया जब उन्हें घर-घर जाकर सामान बेचकर अपनी स्कूल की फीस जुटानी पड़ी। उनके परिवार ने कई चुनौतियों का सामना किया, लेकिन आज वह न केवल आर्थिक रूप से मजबूत हैं, बल्कि पहचान के मामले में भी किसी से पीछे नहीं हैं।
गुलशन की प्रारंभिक शिक्षा दिल्ली में हुई। बचपन से ही उन्हें अभिनय का शौक था, जिसके चलते उन्होंने मुंबई का रुख किया। यहां उन्होंने अभिनय स्कूल में दाखिला लिया और अभिनय की बारीकियों को सीखा। इसी दौरान उनकी दोस्ती अभिनेता अनिल कपूर से हुई। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत थिएटर और स्टेज शो से की और 1980 में फिल्म 'हम पांच' से हिंदी सिनेमा में कदम रखा।
गुलशन ग्रोवर ने अपने फिल्मी करियर में 400 से अधिक फिल्मों में काम किया है। उनकी प्रमुख फिल्मों में 'दूध का कर्ज', 'इज्जत', 'सौदागर', 'कुर्बान', 'राम लखन', 'इंसाफ कौन करेगा', 'अवतार', 'क्रिमनल', 'मोहरा', 'हेराफेरी', 'इंटरनेशनल खिलाड़ी', 'लज्जा', 'दिल मांगे मोर', 'जम्बो', 'कर्ज', 'गंगा देवी', और 'एजेंट विनोद' शामिल हैं। उन्हें 'आई एम कलाम' के लिए 'बेस्ट सपोर्टिव एक्टव' का राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिला है।
गुलशन ग्रोवर की निजी जिंदगी की बात करें तो उन्होंने दो बार शादी की, लेकिन आज भी वह अकेले हैं। उनकी पहली शादी 1998 में फिलोमिना से हुई, जो तीन साल बाद 2001 में टूट गई। इसके बाद, उन्होंने 2003 में कशिश से दूसरी शादी की, लेकिन यह रिश्ता भी एक साल में समाप्त हो गया।