गांधारी: एक कमजोर सस्पेंस-थ्रिलर की समीक्षा
गांधारी एक सस्पेंस-थ्रिलर है जो एक मां की कहानी को दर्शाती है, जो अपनी खोई हुई बेटी की तलाश में निकलती है। तापसी पन्नू की मुख्य भूमिका में, यह फिल्म शुरुआत में प्रभावशाली लगती है, लेकिन जल्द ही अपनी दिशा खो देती है। कमजोर लेखन और तेज़ रफ्तार के कारण यह फिल्म दर्शकों को पूरी तरह से प्रभावित नहीं कर पाती। जानें इस फिल्म की कहानी, एक्टिंग और निर्देशन के बारे में और क्यों यह एक कमजोर थ्रिलर बन जाती है।
Sep 3, 2026, 16:23 IST
गांधारी: एक सस्पेंस-थ्रिलर की कहानी
एक प्रभावशाली सस्पेंस-थ्रिलर में क्या होना चाहिए? क्या यह एक मजबूत नायक, मां-बेटी के रिश्ते की गहराई, या एक खुशहाल परिवार पर आए दुखों का पहाड़ होना चाहिए? नेटफ्लिक्स पर प्रदर्शित निर्देशक देवाशीष मखीजा की नई फिल्म 'गांधारी' इन सभी पहलुओं को समेटने का प्रयास करती है। तापसी पन्नू की मुख्य भूमिका वाली यह एक्शन-थ्रिलर शुरुआत में तो प्रभावशाली लगती है, लेकिन जल्दी ही थ्रिल पैदा करने की जल्दबाजी में अपनी दिशा खो देती है।
कहानी का सार
कहानी बानी (तापसी पन्नू) की है, जिसकी मासूम बेटी मिष्टी एक ट्रेन यात्रा के दौरान मानव तस्करी करने वाले गिरोह का शिकार बन जाती है। जब बानी और उसके पति गोकुल (ईश्वाक सिंह) को यह एहसास होता है कि स्थानीय पुलिस उनकी मदद नहीं कर रही, तो बानी खुद अपनी बेटी की खोज में निकल पड़ती है।
कहानी में कमी
'गांधारी' की शुरुआत अच्छी होती है, और आप स्टार कास्ट और कहानी से प्रभावित होते हैं। लेकिन पहले 20 मिनट के बाद फिल्म कमजोर पड़ने लगती है। कहानी के हिस्सों को ठीक से जोड़ने में असफलता एक बड़ी कमी है।
एक्टिंग का स्तर
फिल्म में बेहतरीन कलाकार हैं, लेकिन लगभग हर किरदार का सही उपयोग नहीं किया गया है। तापसी पन्नू ने बानी का किरदार निभाया है, और उन्होंने इसे अपने तरीके से निभाने की कोशिश की है। हालांकि, कमजोर स्क्रिप्ट कहानी को प्रभावित करती है।
निर्देशन और लेखन
कनिका ढिल्लों इस फिल्म की लेखिका और प्रोड्यूसर हैं, जबकि देवाशीष मखीजा इसके निर्देशक हैं। यहां 'गांधारी' सबसे कमजोर पड़ जाती है। एक दिलचस्प कहानी हो सकती थी, लेकिन लेखन इसे उभरने का मौका नहीं देता।
अंतिम विचार
'गांधारी' की शुरुआत एक अच्छे विचार के साथ होती है, लेकिन यह अपनी पकड़ खो देती है। तापसी पन्नू और इश्वाक सिंह ने अच्छा काम किया है, लेकिन कमजोर स्क्रीनप्ले इसे बचा नहीं पाता।