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क्या है 'हनुमान अंश' की सफलता का राज? प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर ने किया खुलासा!

फिल्म 'हनुमान अंश' ने दर्शकों के दिलों में खास जगह बना ली है। प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर ने इस सफलता के पीछे के राज का खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि कैसे महाराज जी के आशीर्वाद से फिल्म को इतनी सफलता मिली और इसे वैश्विक स्तर पर ले जाने की योजना है। जानें इस फिल्म के निर्माण के पीछे की कहानी और अनुप्रिया का अनुभव।
 

फिल्म 'हनुमान अंश' की सफलता पर प्रोड्यूसर का बयान




हरिद्वार, 11 सितंबर। फिल्म 'हनुमान अंश' ने अपनी अनोखी कहानी के चलते दर्शकों के दिलों में एक विशेष स्थान बना लिया है और इसकी सराहना हर जगह हो रही है। इस सफलता को देखते हुए, फिल्म की प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर ने कहा कि जिस तरह से फिल्म को प्यार मिल रहा है, वह इसे वैश्विक स्तर पर ले जाने की संभावना को दर्शाता है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में बताया कि उन्हें इस फिल्म की इतनी सफलता की उम्मीद नहीं थी।


अनुप्रिया ने कहा, "मैं इसे किसी चमत्कार से कम नहीं मानती। यह सब महाराज जी के आशीर्वाद का परिणाम है, जिन्होंने चाहा कि यह फिल्म सफल हो और लोगों तक पहुंचे। उनका आशीर्वाद हमारे साथ है।"


उन्होंने फिल्म के पहले हफ्ते के नतीजों पर भी चर्चा की, जिसमें कहा गया कि फिल्म को पहले ही हफ्ते में फ्लॉप घोषित कर दिया गया था। "यह एक चमत्कार है; मैंने इंडस्ट्री में ऐसा पहले कभी नहीं देखा और मुझे इसकी उम्मीद भी नहीं थी। लेकिन यह सब महाराज जी के आशीर्वाद से संभव हुआ है, और अब हम इसे वैश्विक स्तर पर ले जाने की योजना बना रहे हैं।"


अनुप्रिया ने बताया कि इस फिल्म का निर्माण तीन महिलाओं ने मिलकर किया है। उन्होंने कहा, "जब मैं यूके में इकोनॉमिक्स की पढ़ाई कर रही थी, तब मैंने देखा कि महाराज जी ने कई लोगों को प्रभावित किया है, जिनमें विदेशी भी शामिल हैं। मुझे यह जानकर आश्चर्य हुआ कि मैं एक भारतीय होते हुए भी एक विदेशी से महाराज जी के बारे में जान रही हूं।"


उन्होंने आगे कहा, "जब मैं भारत में काम के सिलसिले में आई, तब मेरी मुलाकात 'हनुमान अंश' की टीम से हुई। उस समय फिल्म की शूटिंग पूरी हो चुकी थी, लेकिन पोस्ट प्रोडक्शन के लिए फंड की कमी थी। मुझे लगता है कि यह विचार महाराज जी ने ही मुझे दिया था। मैंने अपने यूके में किए गए काम से जो भी बचत की थी, उसे इस फिल्म में लगा दिया। हालांकि, मेरा योगदान केवल एक तिहाई था, क्योंकि हम तीन महिलाओं ने मिलकर इसे बनाया है।"