क्या है साउथ और हिंदी सिनेमा का असली फर्क? मिलिंद सोमन ने किया खुलासा
मिलिंद सोमन का साउथ और हिंदी सिनेमा पर नजरिया
नई दिल्ली, 15 मार्च। बॉलीवुड के कई प्रमुख प्रोजेक्ट्स में काम कर चुके अभिनेता मिलिंद सोमन अब जल्द ही तमिल वेब सीरीज 'कात्तान' में दिखाई देंगे। इस दौरान उन्होंने साउथ और हिंदी सिनेमा के बीच के अंतर पर चर्चा की। उनका कहना है कि साउथ में काम करना अधिक सहज, तेज और सरल अनुभव होता है।
मिलिंद सोमन ने एक विशेष बातचीत में दोनों फिल्म इंडस्ट्री के माहौल की तुलना की। उन्होंने कहा, "साउथ में काम करने का तरीका बहुत आरामदायक है। वहां बहुत कम चीजें होती हैं, जिनका बार-बार ध्यान रखना पड़ता है। मैं खुद ऐसा नहीं करता, लेकिन आसपास के लोगों को देखकर यह स्पष्ट होता है।"
तमिल सिनेमा के बारे में बात करते हुए उन्होंने टीमवर्क की सराहना की। मिलिंद ने कहा कि साउथ के सेट पर काम तेजी से और कुशलता से होता है। समय पर काम पूरा करना आसान होता है। यदि कोई रुकावट आती है, तो टीम उसे जल्दी से संभाल लेती है। शूटिंग कभी भी आसान नहीं होती, लेकिन साउथ में यह प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित लगती है। तमिल प्रोजेक्ट्स में पूरी यूनिट एक साथ मिलकर काम करती है, जो उन्हें सबसे ज्यादा प्रभावित करता है।
हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि बाहरी शूटिंग में चुनौतियाँ हर जगह समान होती हैं। उन्होंने कहा, "मौसम में बदलाव, बारिश या अन्य कारणों से शेड्यूल प्रभावित हो सकता है। यूनिट के लिए यह आसान नहीं होता। काम करने का तरीका हर प्रोडक्शन पर निर्भर करता है। मैंने हिंदी फिल्मों में भी काम किया है, लेकिन हर यूनिट की अपनी विशेषताएँ होती हैं। बहुत कुछ प्रोड्यूसर पर निर्भर करता है कि टीम कैसे काम करेगी।"
इस समय, मिलिंद सोमन अपनी नई तमिल वेब सीरीज 'कात्तान' के लिए तैयार हैं, जिसमें उनके साथ विजय सेतुपति भी मुख्य भूमिका में हैं। इस सीरीज में मिलिंद एक मजबूत और रहस्यमयी किरदार में नजर आएंगे।
यह वेब सीरीज 27 मार्च को जियोहॉटस्टार पर रिलीज होगी और इसे अंग्रेजी, हिंदी, मराठी सहित कई अन्य दक्षिण भारतीय भाषाओं में डब किया जाएगा।