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क्या है श्वेता त्रिपाठी की किताबों के प्रति दीवानगी? जानें 'मिर्जापुर: द फिल्म' में गोलू के किरदार के बारे में!

श्वेता त्रिपाठी अपनी नई फिल्म 'मिर्जापुर: द फिल्म' में गोलू गुप्ता के किरदार में लौट रही हैं। उन्होंने बताया कि गोलू और उनके बीच किताबों के प्रति प्रेम की समानता है। श्वेता ने साझा किया कि पढ़ाई ने उनके सोचने के तरीके को कैसे बदला है और कैसे यह एक कलाकार के लिए महत्वपूर्ण है। फिल्म में कई पुराने और नए कलाकार शामिल हैं, और यह 4 सितंबर को रिलीज होने वाली है। जानें इस फिल्म और श्वेता के किरदार के बारे में और भी दिलचस्प बातें।
 

श्वेता त्रिपाठी का गोलू गुप्ता से जुड़ाव

मुंबई, 2 सितंबर। अभिनेत्री श्वेता त्रिपाठी इन दिनों अपनी नई फिल्म 'मिर्जापुर: द फिल्म' के कारण चर्चा में हैं। इस फिल्म में वह एक बार फिर गोलू गुप्ता के अपने प्रिय किरदार में नजर आएंगी, जो उनके करियर के सबसे महत्वपूर्ण किरदारों में से एक है। श्वेता ने साझा किया कि गोलू और उनके बीच सबसे बड़ी समानता किताबों के प्रति प्रेम है। जब उन्हें गोलू के किरदार में किताबों के प्रति लगाव को दर्शाने का मौका मिला, तो इसके लिए उन्हें किसी विशेष तैयारी की आवश्यकता नहीं पड़ी।


श्वेता ने कहा, ''हर कलाकार की ख्वाहिश होती है कि उसे ऐसा किरदार मिले, जिसमें उसके व्यक्तित्व का कोई हिस्सा हो। मेरे लिए गोलू ऐसा ही किरदार है। गोलू का किताबों के प्रति प्रेम मुझे बहुत पसंद है, क्योंकि मैं भी कई वर्षों से किताबें पढ़ती आ रही हूं। मैं अक्सर किताबों की दुकान पर जाती हूं, यह सोचकर कि मैं केवल किताबें देखूंगी, लेकिन वहां से कम से कम तीन किताबें लेकर ही लौटती हूं।''


उन्होंने आगे कहा, ''पढ़ने की आदत ने मेरे सोचने और दुनिया को देखने के तरीके को भी बदल दिया है। किताबों ने मुझे विभिन्न प्रकार के लोगों को समझने में मदद की है। एक कलाकार के लिए यह आवश्यक है कि वह किसी किरदार को निभाने से पहले यह समझे कि वह व्यक्ति किसी स्थिति में ऐसा व्यवहार क्यों कर रहा है। किताबें हमें बिना अपनी जिंदगी से बाहर निकले, विभिन्न लोगों और उनकी जिंदगियों को समझने का अवसर देती हैं।''


श्वेता ने बताया, ''किताबों ने मुझे लोगों के बारे में त्वरित राय बनाने से भी रोका है। पढ़ाई के कारण मैं दूसरों को बेहतर समझ पाती हूं और मेरी भावनाओं को समझने की क्षमता भी बढ़ी है। इसके साथ ही, किताबों ने मुझे हमेशा कुछ नया जानने और सीखने की प्रेरणा दी है। यही कारण है कि मुझे गोलू के किरदार में अपनी सोच की झलक दिखाई देती है।''


उन्होंने कहा, ''गोलू और मेरे बीच केवल किताबों का ही संबंध नहीं है। हम दोनों में सवाल पूछने और हर चीज को बिना सोचे-समझे स्वीकार न करने की प्रवृत्ति भी है। हम दोनों नई चीजें सीखने के लिए उत्सुक हैं, लेकिन हमारे स्वभाव में एक बड़ा अंतर है। गोलू काफी शांत और कम बोलने वाली है, जबकि मैं बातचीत करना और अपनी भावनाओं को खुलकर व्यक्त करना पसंद करती हूं।''


गौरतलब है कि 'मिर्जापुर: द फिल्म' का निर्देशन गुरमीत सिंह ने किया है। इसे अमेजन एमजीएम स्टूडियोज ने एक्सेल एंटरटेनमेंट के साथ मिलकर प्रस्तुत किया है। रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर इसके निर्माता हैं, जबकि कासिम जगमगिया और विशाल रामचंदानी सह-निर्माता हैं।


फिल्म में पंकज त्रिपाठी, अली फजल, दिव्येंदु, रसिका दुग्गल, श्वेता त्रिपाठी, श्रिया पिलगांवकर और हर्षिता गौर जैसे पुराने कलाकार अपने चर्चित किरदारों में लौटेंगे। इसके अलावा, जितेंद्र कुमार और रवि किशन जैसे नए कलाकार भी कहानी का हिस्सा होंगे।


'मिर्जापुर: द फिल्म' 4 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने की उम्मीद है।