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क्या है शान का बॉलीवुड के पुराने गानों पर नजरिया? जानें 'इंडियन आइडल' में उनके विचार!

बॉलीवुड के मशहूर गायक शान ने 'इंडियन आइडल' में पुराने गानों की आधुनिकता पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने संजीव कुमार और जया बच्चन के गाने 'बाहों में चले आओ' की तारीफ की और बताया कि कैसे पुराने गाने आज के गानों से कहीं अधिक गहराई और भावनाएं रखते हैं। शान ने संगीतकार आर.डी. बर्मन की भी सराहना की और प्रतियोगियों को गाने की भावना को समझने की सलाह दी। जानें उनके विचारों की पूरी कहानी!
 

शान का गानों के प्रति अनोखा दृष्टिकोण


मुंबई, 26 मई। जब भी हिंदी फिल्म संगीत की चर्चा होती है, तो बॉलीवुड के प्रसिद्ध गायक शान का नाम अवश्य लिया जाता है। हाल ही में, उन्होंने सिंगिंग रियलिटी शो 'इंडियन आइडल' में संजीव कुमार और जया बच्चन पर फिल्माए गए लोकप्रिय गीत 'बाहों में चले आओ' को बॉलीवुड का सबसे आधुनिक गाना करार दिया। उनका कहना है कि इस गाने में जो संगीत और भावनाएं हैं, वैसा आजकल बहुत कम देखने को मिलता है।


इस शो में प्रतियोगी ज्योतिर्मयी ने 'बाहों में चले आओ' पर अपनी प्रस्तुति दी, जिसके बाद शान ने गाने की सराहना की। उन्होंने गाने की धुन, फिल्मांकन और संगीत की बारीकियों पर खुलकर चर्चा की।


शान ने बताया कि यह गाना एक कमरे में रात के माहौल में फिल्माया गया था, जहां संजीव कुमार, जया बच्चन से धीरे से गाने के लिए कहते हैं। इस पल में गाने का मूड और संगीत दोनों में बदलाव आ जाता है।


उन्होंने कहा, ''लोग अक्सर पुराने और नए गानों की तुलना करते हैं, लेकिन मेरे अनुसार, पुराने गाने आज के गानों से कहीं अधिक आधुनिक थे। लोग कहते हैं कि पुराना गाना और नया गाना, लेकिन इन गानों से ज्यादा मॉडर्न गाने आज भी नहीं बन रहे हैं। इन गानों में जो बदलाव आते हैं, संगीत जिस तरह बहता है, वह कहीं और देखने को नहीं मिलता। कई बार समझ ही नहीं आता कि गाना कहां से शुरू हुआ और कहां खत्म हुआ। यही इसकी खूबसूरती है।''


शान ने यह भी कहा कि उस समय के संगीतकार केवल धुन नहीं बनाते थे, बल्कि हर गाने के पीछे एक कहानी और भावना होती थी।


उन्होंने प्रसिद्ध संगीतकार आर.डी. बर्मन (पंचम दा) की भी प्रशंसा की। शान ने कहा, ''पंचम दा अपने समय से बहुत आगे सोचते थे, और उनके संगीत में हमेशा कुछ नया देखने को मिलता था। वह बॉलीवुड के सबसे आधुनिक संगीतकार थे। जिस तरह पंचम दा संगीत में नए प्रयोग करते थे, वैसा आज भी बहुत कम संगीतकार कर पाते हैं। उनके बनाए गाने आज भी ताजगी से भरे हुए लगते हैं।''


शो के जज विशाल ददलानी ने भी शान की बात का समर्थन किया, यह कहते हुए कि पंचम दा जैसा कोई दूसरा संगीतकार नहीं हो सकता। उनका संगीत हमेशा महसूस किया जाता था।


इस अवसर पर, शान ने प्रतियोगियों को एक महत्वपूर्ण सलाह भी दी। उन्होंने कहा, ''अगर कोई गायक किसी गाने को सही तरीके से गाना चाहता है, तो उसे केवल सुर और शब्दों पर ध्यान नहीं देना चाहिए, बल्कि यह भी समझना चाहिए कि वह गाना फिल्म में किस परिस्थिति में इस्तेमाल किया गया है। गाने की कहानी, कलाकारों के भाव और फिल्मांकन को समझने से गायक उस गाने की भावना को बेहतर तरीके से महसूस कर सकता है।''