क्या है विजय चंद्रशेखर पर सीबीआई की नजर? जानें करूर भगदड़ मामले की पूरी कहानी
सीबीआई ने विजय को फिर से बुलाया
चेन्नई, 18 जनवरी। साउथ के प्रसिद्ध अभिनेता और टीवीके पार्टी के नेता जोसेफ विजय चंद्रशेखर, जिन्हें आमतौर पर विजय के नाम से जाना जाता है, को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने करूर भगदड़ की जांच के सिलसिले में नई दिल्ली में फिर से पेश होने के लिए समन भेजा है।
पिछले हफ्ते, 12 जनवरी को, सीबीआई ने अभिनेता से लगभग 6 घंटे तक पूछताछ की थी। अब, उन्हें 19 जनवरी को फिर से बुलाया गया है।
यह पूछताछ 27 सितंबर, 2025 को करूर में आयोजित एक राजनीतिक कार्यक्रम से संबंधित है, जब विजय टीवीके पार्टी के लिए प्रचार कर रहे थे। उस दिन, अभिनेता की देरी के कारण सभा स्थल पर भीड़ बढ़ गई, जिससे भगदड़ मच गई। इस घटना में 41 लोगों की जान गई और कई अन्य घायल हुए। विजय ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और मृतकों के परिवारों को 20 लाख रुपये की सहायता राशि दी।
सीबीआई की जांच की निगरानी सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति अजय रस्तोगी की अध्यक्षता वाली समिति कर रही है। हाल के दिनों में, सीबीआई ने इस घटना के कारणों की जांच को तेज कर दिया है। इस मामले में विजय के अलावा, टीवीके पार्टी के कई वरिष्ठ अधिकारियों से भी पूछताछ की गई है।
पूछताछ के दौरान, सीबीआई ने कई महत्वपूर्ण सवाल उठाए, जैसे कि करूर कार्यक्रम का आयोजन किसने किया, क्या विजय को पहले से व्यवस्थाओं की जानकारी थी, और क्या भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कोई प्रयास किए गए थे।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 12 जनवरी को हुई पूछताछ में विजय ने स्पष्ट किया कि भगदड़ में उनकी पार्टी की कोई लापरवाही नहीं थी। उन्होंने कहा कि भगदड़ को रोकने के लिए उन्होंने भाषण रोक दिया था और मंच से उतर गए थे। वहीं, सीबीआई विजय और पुलिस द्वारा दिए गए बयानों की तुलना कर रही है। पुलिस ने अपने बयानों में विजय और उनकी पार्टी को भगदड़ के लिए जिम्मेदार ठहराया है।