क्या है राजेश खन्ना के बंगले 'आशीर्वाद' का नया विवाद? जानें कोर्ट के फैसले की पूरी कहानी!
बंगले 'आशीर्वाद' का नया विवाद
कई साल पहले, मुंबई के बांद्रा में स्थित प्रसिद्ध सुपरस्टार राजेश खन्ना का बंगला 'आशीर्वाद' फैंस के लिए एक आकर्षण का केंद्र था। कहा जाता है कि 'काका' हर रविवार अपनी बालकनी में आकर अपने प्रशंसकों का अभिवादन करते थे। अब, यह बंगला फिर से चर्चा में है, लेकिन इस बार इसकी वजह राजेश खन्ना नहीं, बल्कि बॉम्बे हाई कोर्ट का एक महत्वपूर्ण निर्णय है। कोर्ट ने मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स को निर्देश दिया है कि वे बंगले को 'भूतिया', 'अशुभ' या 'डरावना' कहने से बचें।
इस बंगले का नाम 'आशीर्वाद' अब भी बरकरार है, हालाँकि इसे हाल ही में बिज़नेसमैन शशि शेट्टी ने खरीदा है। उन्होंने पुरानी इमारत को गिराकर एक नया घर बनाया, लेकिन इसके ऐतिहासिक महत्व को ध्यान में रखते हुए नाम नहीं बदला।
शशि शेट्टी ने कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसमें उन्होंने बताया कि कई मीडिया हाउस और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म उनके घर को 'भूतिया' और 'शापित' बताकर गलत जानकारी फैला रहे हैं।
शेट्टी ने कहा कि इससे उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँच रहा है और उनके परिवार के लिए सामान्य जीवन जीना कठिन हो रहा है।
शशि शेट्टी के वकील वीरेंद्र सराफ ने कोर्ट में कहा कि पुरानी इमारत को गिराकर नया घर बनाया गया है, इसलिए पुरानी कहानियों को नए घर से जोड़ना गलत है।
जस्टिस आरिफ एस. डॉक्टर ने सुनवाई के दौरान कहा कि याचिका पूरी तरह से सही है और ऐसी रिपोर्टें मानहानि करने वाली हैं। कोर्ट ने कहा कि ये रिपोर्टें याचिकाकर्ता के 'शांति और सम्मान के साथ जीने के अधिकार' का उल्लंघन करती हैं।
अगली सुनवाई 21 अगस्त, 2026 को होगी। यदि कोर्ट का अंतिम आदेश भी इसी दिशा में होता है, तो यह मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए एक महत्वपूर्ण कानूनी मिसाल बन सकता है।