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क्या है 'मैं वापस आऊंगा' के अभिनेता हर्षुल कौल की वेदांग रैना के प्रति भावनाएं?

अभिनेता हर्षुल कौल ने अपनी पहली फिल्म 'मैं वापस आऊंगा' में सह-कलाकार वेदांग रैना की प्रशंसा की है। उन्होंने बताया कि कैसे वेदांग की मेहनत और अनुशासन ने उन्हें प्रेरित किया। हर्षुल ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि यह सफर उनके लिए एक सपने के सच होने जैसा था। जानें और क्या कहा हर्षुल ने इस बारे में।
 

हर्षुल कौल की वेदांग रैना के प्रति प्रशंसा


मुंबई, 9 जुलाई। अभिनेता हर्षुल कौल, जिन्होंने अपनी फिल्म 'मैं वापस आऊंगा' से करियर की शुरुआत की, ने वेदांग रैना की प्रशंसा की है। उन्होंने वेदांग की मेहनत और उनके साथ बिताए अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि यह सफर उनके लिए एक सपने के सच होने जैसा था।


फिल्म 'मैं वापस आऊंगा' में हर्षुल ने वेदांग के किरदार कीनू के सबसे अच्छे दोस्त आफताब की भूमिका निभाई थी।


हर्षुल ने बातचीत में बताया, "फिल्म के रिलीज के बाद, सोशल मीडिया और संदेशों के माध्यम से कई लोगों ने मुझसे संपर्क किया। कई दर्शकों ने कहा कि आफताब की मासूमियत और उसका भावनात्मक सफर फिल्म के खत्म होने के बाद भी उनके दिलों में बसा रहा। कुछ दर्शकों ने तो यह भी कहा कि उन्हें ऐसा लगा जैसे वे इन किरदारों को व्यक्तिगत रूप से जानते हों। ऐसे संदेश मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि सिनेमा का उद्देश्य ही लोगों को कुछ महसूस कराना होता है।"


उन्होंने आगे कहा, "वेदांग के साथ काम करना मेरे लिए किसी सपने के सच होने जैसा था। मैं कश्मीरी परिवार से हूं और मैंने हमेशा देखा कि हमारे आसपास लोग उनकी सफलता का जश्न मनाते थे। 'द आर्चीज' और 'जिगरा' के बाद हर जगह उनके बारे में बातें होती थीं। इतनी कम उम्र में कश्मीरी पंडित समुदाय का कोई कलाकार इतनी बड़ी सफलता हासिल कर रहा था, यह देखकर मुझे गर्व होता था। मैंने कभी नहीं सोचा था कि सिर्फ डेढ़ साल बाद मैं उनके साथ स्क्रीन शेयर करूंगा और अपनी पहली फिल्म में उनके सबसे अच्छे दोस्त का किरदार निभाऊंगा।"


हर्षुल ने कहा, "फिल्म 'मैं वापस आऊंगा' में मेरे अधिकांश दृश्य वेदांग के साथ थे। उन्हें काम करते हुए देखकर मैंने बहुत कुछ सीखा। उनकी मेहनत, अनुशासन और हर सीन में अपना सौ फीसदी देने का जज्बा सचमुच प्रेरणादायक है। मुझे याद है कि 'इश्क मस्ताना' गाने की शूटिंग के दौरान उनकी तबीयत ठीक नहीं थी, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने पूरी ऊर्जा के साथ डांस किया और कभी भी अपनी परेशानी को काम पर हावी नहीं होने दिया।"


उन्होंने कहा, "एक नए कलाकार के रूप में उनकी प्रतिबद्धता को इतनी नजदीक से देखना मेरे लिए एक बड़ा सीखने का अनुभव था। उन्होंने पहले दिन से मुझे सहज महसूस कराया और हमेशा सम्मान के साथ पेश आए। शूटिंग के दौरान सेट के बाहर भी हमने कई खूबसूरत पल साथ बिताए। हम कश्मीरी भाषा में बातें करते थे, टेक के बीच हंसते थे और साथ में समय बिताते थे। इन छोटे-छोटे पलों ने आफताब और कीनू की इस यात्रा को और भी खास बना दिया।"