क्या है 'मायासभा' की कहानी? जानें राही अनिल बर्वे की नई फिल्म के रहस्यमय पहलू
राही अनिल बर्वे की नई फिल्म 'मायासभा'
मुंबई, 6 जनवरी। बॉलीवुड और स्वतंत्र सिनेमा में ऐसे निर्देशकों की कमी नहीं है, जो अपनी फिल्मों में केवल दृश्य नहीं, बल्कि गहरी भावनाओं और अर्थों का समावेश करते हैं। इसी क्रम में, 'तुम्बाड' के निर्देशक राही अनिल बर्वे अपनी नई फिल्म 'मायासभा' को लेकर चर्चा में हैं।
इस फिल्म में दर्शकों को कहानी और सस्पेंस के माध्यम से ऐसे रहस्यमय क्षणों का अनुभव होगा, जो न केवल स्क्रीन पर, बल्कि उनके वास्तविक जीवन में भी गूंजेंगे।
फिल्म में जावेद जाफरी, मोहम्मद समद, वीणा जामकर और दीपक दामले जैसे कलाकार मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे।
राही अनिल बर्वे ने कहा, "यह फिल्म इंसानी रिश्तों और उन भ्रमों पर ध्यान केंद्रित करती है जो हमारी सोच और जीवन को आकार देते हैं। यह दर्शकों को गहराई से महसूस करने का अवसर प्रदान करती है। फिल्म की कहानी पहली नजर में सरल दिखती है, लेकिन वास्तव में यह जटिल और खतरनाक है।"
थिएटर में रिलीज होने से पहले, 'मायासभा' ने विभिन्न फिल्म फेस्टिवल्स में प्रशंसा प्राप्त की है। इसे 11 जनवरी को थर्ड एशियन फिल्म फेस्टिवल में विशेष स्क्रीनिंग के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। इसके बाद, यह पुणे इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल 2026 में भी दिखाई जाएगी, जहां इसे भारतीय सिनेमा के तहत चयनित किया गया है।
राही ने आगे कहा, "'तुम्बाड' के बाद, 'मायासभा' मेरी दूसरी फिल्म है। इस बार मैंने कहानी को और भी रहस्यमय और गहरा बनाया है। दर्शकों को ऐसे सच और शक्ति के ढांचे दिखाई देंगे, जो देखने में सरल लगते हैं, लेकिन वास्तव में खतरनाक हैं। फिल्म का उद्देश्य केवल डराना नहीं है, बल्कि दर्शकों को सोचने और प्रतीकों को समझने के लिए प्रेरित करना है।"
उन्होंने कहा, "मैंने फिल्म के विजुअल्स पर बहुत ध्यान दिया है। मैं चाहता था कि फिल्म का अनुभव रोमांचक और गहरा हो, जहां हर फ्रेम में कहानी और अर्थ दोनों हों। कभी-कभी चुप्पी भी शब्दों से अधिक प्रभाव डालती है।"
'मायासभा' जिरकोन फिल्म्स के बैनर तले बनी है, जिसके प्रोड्यूसर गिरीश पटेल और अंकुर जे. सिंह हैं। यह फिल्म 30 जनवरी को रिलीज होगी।