क्या है फिल्म 'बूंग' की सफलता का राज? जानें BAFTA में मिली ऐतिहासिक जीत के बारे में!
फिल्म 'बूंग' ने BAFTA में रचा इतिहास
नई दिल्ली, 23 फरवरी। भारतीय फिल्म उद्योग के लिए सोमवार का दिन गर्व का प्रतीक बन गया। मणिपुरी भाषा में बनी कॉमेडी-ड्रामा फिल्म 'बूंग' ने 2026 के प्रतिष्ठित बाफ्टा अवॉर्ड्स में एक नई उपलब्धि हासिल की है। इस फिल्म को बेस्ट चिल्ड्रन एंड फैमिली फिल्म का पुरस्कार मिला, जिससे यह इस श्रेणी में जीतने वाली पहली भारतीय फिल्म बन गई है। इस शानदार उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने फिल्म की टीम को बधाई दी।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "इस फिल्म से जुड़े सभी लोगों को बधाई। यह सच में एक खुशी का क्षण है, विशेषकर मणिपुर के लिए। यह हमारे देश में मौजूद अद्भुत क्रिएटिव टैलेंट को भी दर्शाता है।"
ममता बनर्जी ने भी 'एक्स' पर साझा किया, "मुझे गर्व है कि मणिपुरी फिल्म 'बूंग' ने 2026 बाफ्टा अवार्ड्स में इतिहास रचा है। सभी चुनौतियों के बावजूद इसे बेस्ट चिल्ड्रन एंड फैमिली फिल्म का खिताब मिला है। पूरी कास्ट और क्रू को बधाई। आपने देश को गर्व महसूस कराया है।"
फिल्म 'बूंग' फरहान अख्तर की एक्सेल एंटरटेनमेंट के तहत बनी है, जिसका निर्देशन लक्ष्मीप्रिया देवी ने किया है। यह साल की पहली भारतीय फिल्म है, जिसे बाफ्टा में नॉमिनेट किया गया और अब इसे यह पुरस्कार मिल गया है।
पुरस्कार समारोह में लक्ष्मीप्रिया देवी मंच पर पहुंचीं, जहां फरहान अख्तर भी उनके साथ थे। लक्ष्मीप्रिया ने भावुक होकर बाफ्टा का धन्यवाद दिया और भारतीय सिनेमा की शक्ति को सलाम किया।
फिल्म 'बूंग' की कहानी मणिपुर की सीमा पर रहने वाले एक स्कूली बच्चे के इर्द-गिर्द घूमती है, जो जन्म से ही हिंसा, नस्लीय तनाव और उपेक्षा का सामना कर रहा है। यह फिल्म राज्य में चल रहे सामाजिक और राजनीतिक उथल-पुथल को संवेदनशीलता से दर्शाती है। कहानी में बच्चा अपने बिखरे परिवार को जोड़ने और लंबे समय से बिछड़े पिता को वापस लाने की कोशिश करता है। कॉमेडी और ड्रामा का यह मिश्रण फिल्म को भावनात्मक गहराई प्रदान करता है।
'बूंग' ने बाफ्टा से पहले कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी अपनी पहचान बनाई है। इसका प्रीमियर 2024 में टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के डिस्कवरी सेक्शन में हुआ था। इसके अलावा, इसे वारसॉ इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल 2024, 55वें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (गोवा), और इंडियन फिल्म फेस्टिवल ऑफ मेलबर्न 2025 में भी प्रदर्शित किया गया, जहां इसे समीक्षकों से प्रशंसा मिली।