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क्या है 'धुरंधर 2' की खासियत? शिल्पा शेट्टी ने की फिल्म की जमकर तारीफ!

फिल्म 'धुरंधर 2' ने बॉक्स ऑफिस पर धूम मचाई है, और अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी ने इसे देखने के बाद अपनी भावनाएं साझा की हैं। उन्होंने फिल्म की कास्ट और संगीतकार एआर रहमान की तारीफ की है। शिल्पा ने इसे एक 'कल्ट' फिल्म बताया, जिसमें देशभक्ति का तड़का है। जानें इस फिल्म की खासियत और क्यों शिल्पा ने इसे देखने की सलाह दी है।
 

शिल्पा शेट्टी की प्रशंसा


नई दिल्ली, 21 मार्च। आदित्य धर द्वारा निर्देशित फिल्म 'धुरंधर 2' ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया है। फिल्म को दर्शकों के साथ-साथ फिल्म उद्योग के कई सितारों द्वारा सराहा जा रहा है, जिनमें अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी भी शामिल हैं। शिल्पा ने फिल्म देखने के बाद अपने सोशल मीडिया पर एक विशेष पोस्ट साझा की, जिसमें उन्होंने अपनी भावनाएं व्यक्त कीं।


उन्होंने फिल्म की सराहना करते हुए सभी को इसे देखने की सलाह दी। शिल्पा ने इंस्टाग्राम पर लिखा कि हर अभिनेता ने अपने किरदार में जान डाल दी है, और यह हर फ्रेम में स्पष्ट है। उन्होंने रणवीर सिंह को 'पावरहाउस' और 'बब्बर शेर' की उपाधि दी, यह कहते हुए कि उन्होंने हमजा के किरदार में अपनी आत्मा झोंक दी है।


संगीतकार एआर रहमान की भी शिल्पा ने प्रशंसा की, उन्हें 'क्लास एक्ट' बताते हुए कहा कि उनकी समझदारी सीखने लायक है। अर्जुन रामपाल को 'खतरनाक' और 'मैग्नेटिक' करार देते हुए शिल्पा ने कहा कि यह उनके सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शनों में से एक है। संजय दत्त को हर फ्रेम में रॉकस्टार जैसा बताया गया और कहा गया कि वे पूरी तरह से छाए हुए हैं।


राकेश बेदी की भी शिल्पा ने तारीफ की, यह कहते हुए कि उनकी उपस्थिति असली कला का प्रतीक है। उन्होंने पूरी कास्ट की सराहना की और कहा कि हर किरदार इतनी खूबसूरती से उकेरा गया है कि दर्शक इसे अपना बना लेते हैं।


शिल्पा ने निर्देशक आदित्य धर को 'इस समय का हीरो' कहा, उनकी कहानी कहने की ईमानदारी और शैली की प्रशंसा की। उन्होंने फिल्म को धुरंधर और 'कल्ट' बनने लायक बताया, जिसमें देशभक्ति का तड़का है जो भावुकता और मनोरंजन दोनों प्रदान करता है।


शिल्पा ने कहा कि मल्टीप्लेक्स के दौर में यह फिल्म सिंगल-स्क्रीन की ऊर्जा लाती है, जिसमें सीटियां, तालियां और रोमांचक अनुभव शामिल हैं। उन्होंने दर्शकों से इसे देखने की अपील की और अंत में लिखा, "वे कहते हैं—कोई हिम्मत नहीं, कोई गौरव नहीं... इसका आनंद लेने का समय है।"