क्या है जोया आफरोज का अनुभव फिल्म इंडस्ट्री में धर्म के मुद्दे पर?
जोया आफरोज की नई वेब सीरीज और धर्म पर विचार
मुंबई, 4 फरवरी। अभिनेत्री जोया आफरोज इन दिनों अपनी वेब सीरीज 'तस्करी' के कारण चर्चा में हैं। उन्होंने हाल ही में कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं होता है।जोया ने हाल ही में 'गांधी टॉक्स' फिल्म की स्क्रीनिंग में भाग लिया, जिसमें मशहूर संगीतकार ए. आर. रहमान का संगीत है। इस अवसर पर उन्होंने मीडिया से बातचीत की और ए. आर. रहमान के 'कम्युनल' बयान का खंडन करते हुए कहा कि उन्हें अब तक धर्म के कारण किसी प्रकार का भेदभाव नहीं सहना पड़ा है।
उन्होंने कहा, "मेरे व्यक्तिगत अनुभव में ऐसा कुछ नहीं हुआ है, और मैं आशा करती हूं कि भविष्य में भी ऐसा न हो। हमारे देश में एकता और विविधता का जश्न मनाया जाता है, और हमें इसे बनाए रखना चाहिए।"
जोया ने फिल्मों की सामाजिक जिम्मेदारी पर भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा, "फिल्में समाज का आईना होती हैं; वे वास्तविकता को दर्शाती हैं। यदि कोई फिल्म बच्चों के लिए उपयुक्त नहीं है, तो उन्हें नहीं देखनी चाहिए। इसलिए सर्टिफिकेशन सिस्टम जरूरी है।"
'गांधी टॉक्स' फिल्म गांधी जी की छवि को नोटों पर देखने और उनके आदर्शों के बीच के अंतर को दर्शाती है। यह कहानी एक युवा व्यक्ति के संघर्ष के इर्द-गिर्द घूमती है, जो पैसे के लिए जूझता है और एक चोर की एंट्री से कहानी में नया मोड़ आता है। यह फिल्म व्यंग्य के माध्यम से समाज और मूल्यों पर सवाल उठाती है।
इस फिल्म का निर्देशन किशोर बेलेकर ने किया है, जिसमें अदिति राव हैदरी, विजय सेतुपति, अरविंद स्वामी और सिद्धार्थ जाधव जैसे प्रतिभाशाली कलाकार शामिल हैं।