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क्या सोनू सूद के सुझाव से बदलेंगे दिल्ली के छात्रावासों के हालात?

अभिनेता सोनू सूद ने हाल ही में दिल्ली में एक हादसे के बाद छात्रावासों की स्थिति पर चिंता जताई है। उन्होंने सरकार से नीतियों में सुधार की अपील की है, ताकि छात्रों को सुरक्षित आवास मिल सके। सूद का मानना है कि छोटे बदलाव बड़े सपनों को साकार कर सकते हैं। जानें उनके विचार और सुझाव।
 

सोनू सूद का सामाजिक मुद्दों पर ध्यान

मुंबई, 8 सितंबर। अभिनेता सोनू सूद न केवल सामाजिक कार्यों में सक्रिय हैं, बल्कि देश के महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी अपनी आवाज उठाते हैं। हाल ही में, उन्होंने दिल्ली में हुए एक हादसे पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की और सरकार से कुछ बदलाव करने की अपील की।


इंस्टाग्राम पर साझा किए गए एक नोट में, सूद ने बच्चों के सपनों को साकार करने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नीतियों में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया। उनका मानना है कि छोटे-छोटे बदलाव न केवल बच्चों की जान बचा सकते हैं, बल्कि उनके सपनों को भी पूरा करने में मदद कर सकते हैं।


उन्होंने बच्चों की कठिनाइयों पर ध्यान केंद्रित करते हुए लिखा, "हर साल लाखों छात्र अपने सपनों को पूरा करने के लिए दूसरे शहरों में जाते हैं, लेकिन क्या हम उन्हें सुरक्षित रहने के लिए उचित स्थान प्रदान कर पा रहे हैं? दिल्ली में लगभग 7 लाख छात्र पढ़ाई कर रहे हैं, जबकि हॉस्टल में केवल 30,000 सीटें उपलब्ध हैं। इसका मतलब है कि 31 में से केवल 1 छात्र को ही हॉस्टल मिल पाता है।"


सूद ने सुझाव दिया कि विश्वविद्यालयों के आसपास खाली सरकारी भूमि पर हॉस्टल बनाए जा सकते हैं। उन्होंने कहा, "क्यों न विश्वविद्यालय के आसपास की खाली सरकारी भूमि पर सुरक्षित और सस्ते हॉस्टल बनाए जाएं? इससे छात्रों को सुरक्षा मिलेगी, माता-पिता को सुकून मिलेगा, और विश्वविद्यालय और सरकार को भी लाभ होगा।"


उन्होंने आगे कहा, "कभी-कभी नीति में एक छोटा सा बदलाव किसी के सबसे बड़े सपने को बचा सकता है।"


दिल्ली के सत्य निकेतन क्षेत्र में 6 सितंबर को एक पुरानी इमारत ढह गई, जिसमें 7 लोगों की जान चली गई और कई अन्य घायल हुए। इस घटना के बाद, दिल्ली की मुख्यमंत्री ने जांच के आदेश दिए हैं और अन्य खतरनाक इमारतों का स्ट्रक्चरल ऑडिट कराने का निर्देश भी दिया है।