क्या सोनम वांगचुक की आवाज़ सुनने के लिए किसी की जान की जरूरत है? सोनाक्षी सिन्हा ने उठाया सवाल
सोनाक्षी सिन्हा का समर्थन
लद्दाख के पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आंदोलन पर बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के माध्यम से यह सवाल उठाया कि क्या किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद ही लोग उसकी बात सुनेंगे। वांगचुक पिछले कुछ समय से दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपनी मांगों को लेकर आमरण अनशन पर हैं, और उनकी बिगड़ती सेहत को लेकर कई लोग चिंतित हैं। इस बीच, सोनाक्षी ने भी इस मुद्दे पर अपनी आवाज उठाई है।
सोनाक्षी का बयान
सोनाक्षी बोलीं- मैं कोई एंटी नेशनल नहीं हूं
सोनाक्षी ने कहा कि किसी मुद्दे पर अपनी राय रखना या सवाल उठाना देशद्रोह नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया, "मैं कोई एंटी नेशनल नहीं हूं।" उन्होंने लोगों से अपील की कि उन्हें किसी भी व्यक्ति की बात को सुनने और समझने का प्रयास करना चाहिए, खासकर जब वह लंबे समय से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रख रहा हो।
क्या तब जागेंगे जब कोई मर जाएगा?
'मर जाएंगे, तब जागेंगे क्या आप?'
सोनाक्षी ने वांगचुक की सेहत को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि क्या लोग तब जागेंगे जब कोई अपनी जान गंवा देगा। उन्होंने यह सवाल उठाया कि गंभीर स्थिति बनने का इंतजार क्यों किया जाए और समय पर बातचीत क्यों नहीं की जाती।
वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति
वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर चिंता
सोनम वांगचुक के लंबे अनशन के कारण उनकी सेहत पर चर्चा हो रही है। डॉक्टरों ने भी उनकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर चिंता जताई है और गंभीर प्रभावों की आशंका व्यक्त की है। दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र और दिल्ली सरकार को उनकी नियमित मेडिकल जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
समर्थन की लहर
कई हस्तियां कर चुकी हैं समर्थन
सोनम वांगचुक के आंदोलन को लेकर कई सामाजिक कार्यकर्ताओं और सार्वजनिक हस्तियों ने अपनी चिंता व्यक्त की है। अभिनेता आमिर खान ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी थी, जिसमें उन्होंने वांगचुक की सेहत को लेकर चिंता जताई और उम्मीद की कि वह जल्द ही अपना अनशन समाप्त करेंगे। फिलहाल, सोनम वांगचुक का आंदोलन जारी है और उनके समर्थक उनकी मांगों को लेकर सरकार से बातचीत की अपील कर रहे हैं।