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क्या सुकेश चंद्रशेखर की 200 करोड़ की ठगी का मामला सुलझेगा? जानें कोर्ट की नई सुनवाई की तारीख!

पटियाला हाउस कोर्ट में सुकेश चंद्रशेखर की 200 करोड़ रुपये की ठगी और जबरन वसूली मामले में सुनवाई फिर से टाल दी गई है। अदिति सिंह द्वारा दर्ज की गई शिकायत के अनुसार, सुकेश ने फर्जी पहचान के जरिए लोगों को ठगा। अगली सुनवाई 16 जनवरी को होगी, जहां सुकेश ने समझौते का विकल्प तलाशने की इच्छा जताई है। जानें इस मामले की पूरी कहानी और अदिति सिंह की शिकायत के पीछे की सच्चाई।
 

पटियाला हाउस कोर्ट में सुकेश चंद्रशेखर की याचिका पर सुनवाई


नई दिल्ली, 8 जनवरी। 200 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी और जबरन वसूली के मामले में आरोपी सुकेश चंद्रशेखर की समझौता याचिका पर पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई को फिर से टाल दिया गया। अदालत ने सुकेश के वकील को निर्देश दिया कि वे याचिका की प्रति शिकायतकर्ता अदिति सिंह को उपलब्ध कराएं, क्योंकि अदिति के वकील ने बताया कि उन्हें अब तक याचिका की कॉपी नहीं मिली है।


कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 16 जनवरी की तारीख निर्धारित की है। सुकेश चंद्रशेखर ने अपनी याचिका में कहा है कि वह 217 करोड़ रुपये का भुगतान करने के लिए तैयार हैं और अदिति सिंह के साथ समझौते का विकल्प तलाशने के लिए भी इच्छुक हैं।


रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटर शिविंदर मोहन की पत्नी अदिति सिंह ने इस मामले में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनके पति शिवेंद्र मोहन सिंह अक्टूबर 2019 से जेल में हैं। उनसे जून 2020 से 2021 के बीच 200 करोड़ रुपये की जबरन वसूली और धोखाधड़ी की गई।


शिकायत के अनुसार, 2020 और 2021 के बीच सुकेश चंद्रशेखर ने अपने नेटवर्क के माध्यम से करोड़ों रुपये की ठगी और जबरन वसूली की। उसने खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय, गृह मंत्रालय और कानून मंत्रालय का अधिकारी बताकर लोगों को फंसाया। फर्जी पहचान के जरिए उसने भरोसा दिलाया कि सरकार उनकी मदद कर रही है, जिसके बदले में भारी रकम की मांग की गई।


शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि पहले कॉल में कहा गया कि कानून मंत्रालय के सचिव अनूप कुमार उनसे बात करेंगे। इसके बाद कॉल में कहा गया कि सरकार कोरोना काल में सहयोग चाहती है और उनके पति की रिहाई में मदद की जाएगी।


एक कॉल में यह भी दावा किया गया कि गृह मंत्री अमित शाह घटनास्थल पर मौजूद हैं। बाद में कॉलर आईडी पर पीएमओ के सलाहकार पीके मिश्रा का नाम दिखाई देने लगा, जिससे विश्वास बढ़ गया।


इस प्रकार अदिति सिंह और अन्य लोगों को यह विश्वास दिलाया गया कि मामला बड़े सरकारी अधिकारियों के संज्ञान में है।


दिल्ली पुलिस ने 200 करोड़ रुपये की ठगी और जबरन वसूली के मामले में सुकेश चंद्रशेखर और उनके सहयोगियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोप है कि सुकेश ने हवाला और शेल कंपनियों के माध्यम से अवैध धन छुपाया। इसके अलावा, महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट (एमसीओसीए) के तहत भी उस पर कार्रवाई चल रही है।


सुकेश चंद्रशेखर प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत भी जांच के दायरे में हैं और प्रवर्तन निदेशालय इस मामले की जांच कर रहा है। इस पूरे मामले में सुकेश का नेटवर्क, पैसों की ट्रेल और फर्जी पहचान के इस्तेमाल की भी जांच की जा रही है।