क्या सलमान खान की फिल्म 'Maatrubhumi' में राजनीतिक दबाव का असर? जानें Dhruv Rathee के आरोप
Dhruv Rathee के गंभीर आरोप
यूट्यूबर ध्रुव राठी ने सलमान खान की आगामी युद्ध नाटक फिल्म 'Maatrubhumi: May War Rest in Peace' के निर्माण को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। 11 अक्टूबर को दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, राठी ने दावा किया कि इस फिल्म, जिसका पहले नाम 'Battle of Galwan' था, को राजनीतिक दबाव के कारण कई बार फिर से शूट किया गया। राठी के अनुसार, सरकार चीन के प्रति आलोचनात्मक फिल्म को उसके मूल रूप में रिलीज करने के लिए तैयार नहीं थी, जिसके चलते कहानी में बदलाव की मांग की गई।
राठी ने कहा कि फिल्म निर्माताओं को चीन के चित्रण में बदलाव करने के लिए कहा गया, यह आरोप लगाते हुए कि सरकार अंतरराष्ट्रीय शक्तियों, विशेषकर चीन, अमेरिका और एलोन मस्क जैसे व्यक्तियों से डरती है। उनके इस बयान ने सोशल मीडिया पर व्यापक बहस को जन्म दिया है, जहां उपयोगकर्ता कथित सेंसरशिप और फिल्म के निर्माण इतिहास पर विभिन्न राय व्यक्त कर रहे हैं।
निर्माण का पृष्ठभूमि और शीर्षक परिवर्तन
यह फिल्म 2020 में हुए गलवान घाटी संघर्ष पर आधारित है, जिसमें 20 भारतीय सेना के जवानों की जान गई थी। इसकी शुरुआत से ही इस परियोजना पर काफी ध्यान दिया गया है। पहले इसे 'Battle of Galwan' के नाम से घोषित किया गया था, लेकिन बाद में इसका शीर्षक बदलकर 'Maatrubhumi: May War Rest in Peace' कर दिया गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, फिल्म के संशोधित संस्करण को सितंबर में सूचना और प्रसारण मंत्रालय से नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट प्राप्त हुआ, हालांकि इसे केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड से अंतिम मंजूरी की आवश्यकता है।
जनता की प्रतिक्रिया और वर्तमान स्थिति
ये आरोप विभिन्न वर्गों के लोगों के बीच गूंज उठे हैं, जहां कुछ सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने फिल्म के सीमा संघर्ष पर नरम रुख को लेकर निराशा व्यक्त की है। जबकि कुछ अभिनेता के प्रशंसकों ने पारदर्शिता की मांग का समर्थन किया है, वहीं अन्य ने इस परियोजना के राजनीतिक निहितार्थों पर गर्मागर्म चर्चाएं की हैं। हालांकि 13 नवंबर को संभावित रिलीज की तारीख बताई गई है, लेकिन अंतिम कार्यक्रम आधिकारिक अनुमोदनों और प्रमाणन प्रक्रिया के पूरा होने पर निर्भर करेगा।