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क्या शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ के लिए मुसीबत बन गया विमल इलायची का विज्ञापन?

बॉलीवुड के तीन बड़े सितारे, शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ, विमल इलायची के विज्ञापन के कारण मुश्किल में हैं। महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने उन्हें नोटिस जारी किया है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि यह विज्ञापन पान मसाला का अप्रत्यक्ष प्रचार कर रहा है। जानें इस विवाद के पीछे की कहानी और एफडीए की कार्रवाई के बारे में।
 

बॉलीवुड सितारों पर एफडीए की कार्रवाई




मुंबई, 16 अगस्त। बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ एक नई मुसीबत में फंस गए हैं। महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने इन तीनों सितारों को विमल इलायची के विज्ञापन के संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी किया है।


एफडीए का आरोप है कि भले ही विज्ञापन में इलायची का प्रचार किया जा रहा हो, लेकिन यह विमल पान मसाला का अप्रत्यक्ष विज्ञापन भी कर रहा है। महाराष्ट्र में पान मसाला पर प्रतिबंध होने के कारण, राज्य एफडीए ने इस विज्ञापन को गंभीरता से लिया है।


रिपोर्टों के अनुसार, अजय देवगन को उनके जुहू स्थित निवास पर, जबकि शाहरुख खान को बांद्रा में उनके घर मन्नत पर नोटिस भेजा गया है। वहीं, टाइगर श्रॉफ को उनकी प्रोडक्शन कंपनी के माध्यम से नोटिस प्राप्त हुआ है। नोटिस में तीनों से विज्ञापन में उनकी भूमिका के बारे में स्पष्टीकरण मांगा गया है।


एफडीए का कहना है कि विमल ब्रांड मुख्य रूप से पान मसाला से जुड़ा हुआ है, और महाराष्ट्र में इसके निर्माण, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री पर रोक लगी हुई है। यह प्रतिबंध 13 जुलाई 2026 को खाद्य सुरक्षा आयुक्त द्वारा जारी आदेश के तहत लागू किया गया है।


इस कार्रवाई में एफडीए ने फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (एफएसएस) एक्ट, 2006 की धारा 24 का भी उल्लेख किया है, जो भ्रामक या धोखा देने वाले खाद्य उत्पादों के विज्ञापनों पर रोक लगाती है। इसके अलावा, धारा 53 के तहत भ्रामक खाद्य विज्ञापनों के प्रकाशन से जुड़े लोगों पर 10 लाख रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।


शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को भेजे गए नोटिस महाराष्ट्र एफडीए की एक बड़ी कार्रवाई का हिस्सा हैं। हाल के दिनों में, विभाग ने खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के खिलाफ अपनी कार्रवाई को तेज किया है, खासकर गुटखा और तंबाकू वाले उत्पादों पर।


एफडीए खाद्य और दूध में मिलावट, स्कूलों के आसपास अस्वास्थ्यकर खाद्य पदार्थों की बिक्री और प्रतिबंधित खाद्य उत्पादों के निर्माण एवं वितरण के मामलों में भी कार्रवाई कर रहा है। हाल के महीनों में, विभाग ने कई स्थानों पर निरीक्षण और जब्ती की कार्रवाई की है।