क्या शर्मिला टैगोर के बयान पर मुकेश खन्ना का तीखा जवाब है सही?
मुकेश खन्ना की प्रतिक्रिया
प्रसिद्ध अभिनेता मुकेश खन्ना ने राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' पर शर्मिला टैगोर की हालिया टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने शर्मिला के सुझाव पर सवाल उठाया कि उन्हें पूरे गीत के बजाय केवल शुरुआती अंतरों को गाने का सुझाव देना चाहिए। खन्ना ने यह भी कहा कि शायद शर्मिला ने यह बात दूसरे धर्मों के लोगों की भावनाओं का ध्यान रखते हुए कही होगी।
शर्मिला की बातों पर सवाल
मुकेश खन्ना ने 'द फ्री प्रेस जर्नल' के साथ बातचीत में शर्मिला के सुझाव पर अपनी राय व्यक्त की। उन्होंने कहा कि शर्मिला अपनी समझ के अनुसार बोल रही हैं, लेकिन उन्हें नहीं पता कि उन्होंने ऐसा क्यों कहा। खन्ना ने यह भी कहा कि संभवतः शर्मिला ने यह बात समझाते समय कह दी कि दूसरे धर्मों के लोग इसे नहीं समझ पाएंगे।
बंगाली संस्कृति पर सवाल
खन्ना ने शर्मिला टैगोर की पृष्ठभूमि और बंगाली संस्कृति का उल्लेख करते हुए सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि शर्मिला बंगाल में पली-बढ़ी हैं, जहां काली पूजा बड़े धूमधाम से मनाई जाती है। उन्होंने यह भी पूछा कि अगर अब उन्हें लगता है कि दूसरे धर्म के लोग इसे स्वीकार नहीं करेंगे, तो यह बात उन्हें पहले क्यों समझ नहीं आई।
धर्म को लेकर उठाए सवाल
मुकेश खन्ना ने शर्मिला की निजी जिंदगी का जिक्र करते हुए यह सवाल उठाया कि क्या उन्हें शादी के बाद दूसरे धर्म की मान्यताओं के बारे में जानकारी मिली। उन्होंने कहा कि जब वह नवाब की बेगम बनीं, तब उन्हें मुस्लिम धर्म की मान्यताओं का ज्ञान हुआ। खन्ना ने यह भी कहा कि मुस्लिम धर्म मानने वाले लोग हिंदू देवी-देवताओं को नहीं मानते।
आयशा बेगम के संदर्भ में टिप्पणी
खन्ना ने शर्मिला टैगोर के बारे में कहा, "आज आप आयशा बेगम बनकर बात कर रही हैं। आज आपको मुस्लिम धर्म समझ में आ रहा है। हिंदू धर्म क्या भूल गई आप?" उनके इस बयान ने 'वंदे मातरम्' पर चल रही बहस में एक और तीखी प्रतिक्रिया को जन्म दिया है। हालांकि, खन्ना ने जिस संदर्भ में प्रतिक्रिया दी, उसमें उनके बयान को उसी रूप में समझना आवश्यक है।