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क्या 'लॉक अप 2' में माधुरी जैन ग्रोवर का बयान है समाज को बांटने वाला?

रियलिटी शो 'लॉक अप 2' में माधुरी जैन ग्रोवर के एक बयान ने विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा कि अमीरों के अधिक बच्चे होने से अमीरी बढ़ती है, जबकि गरीबों के अधिक बच्चे होने से गरीबी। इस बयान पर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं आई हैं, जिसमें इसे गलत सोच और समाज को बांटने वाला बताया गया है। जानें इस मुद्दे पर लोगों की राय और क्या है असली विवाद।
 

लॉक अप 2 में माधुरी जैन ग्रोवर का विवादित बयान




मुंबई, 5 जुलाई। रियलिटी शो 'लॉक अप' का दूसरा सीजन अक्सर अपने प्रतियोगियों के निजी जीवन के खुलासों और विवादास्पद बयानों के लिए सुर्खियों में रहता है। इस शो का प्रारूप ऐसा है कि प्रतियोगी अपनी जिंदगी से जुड़े कई ऐसे राज साझा करते हैं, जो कभी-कभी दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर देते हैं। हाल ही में, बिजनेसमैन अशनीर ग्रोवर की पत्नी और शो की प्रतियोगी माधुरी जैन ग्रोवर ने एक ऐसा बयान दिया है, जिस पर लोग विभिन्न प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।


एक हालिया एपिसोड में, माधुरी ने बताया कि वह और उनके पति तीसरा बच्चा चाहते थे, लेकिन परिवार के सदस्यों ने इस निर्णय का समर्थन नहीं किया। उन्होंने कहा कि परिवार की सहमति न मिलने के कारण उन्होंने इस योजना को छोड़ दिया।


हालांकि, असली विवाद उनके इस व्यक्तिगत खुलासे से ज्यादा उनके विचारों के कारण शुरू हुआ। शो में उन्होंने कहा, 'तीसरा बच्चा इंसान को अधिक युवा रखता है। अगर आप देखें तो शाहरुख खान जैसे कई अमीर लोगों के भी तीन बच्चे हैं। 'हम दो हमारे दो' का सिद्धांत सभी पर लागू नहीं होता। जितने अमीर लोग अधिक बच्चे पैदा करेंगे, उतनी ही अमीरी बढ़ेगी और जितने गरीब लोग अधिक बच्चे पैदा करेंगे, उतनी ही गरीबी बढ़ेगी।'


उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने तीखी प्रतिक्रियाएं दीं। कई यूजर्स ने इसे गलत सोच और समाज को विभाजित करने वाला बताया।


एक यूजर ने लिखा, 'यह बयान दर्शाता है कि कुछ लोगों को यह समझ नहीं है कि अर्थव्यवस्था कैसे काम करती है। इससे यह भी पता चलता है कि एलीट वर्ग के पास आवश्यक जानकारी की कमी है।'


दूसरे यूजर ने कहा, 'अगर समाज में केवल अमीर लोग बच्चे पैदा करें और गरीब लोग नहीं, तो उनके पास श्रमिक नहीं होंगे। अमीर अपने बच्चों को सशस्त्र बलों में नहीं भेजते, तो वे आतंकवाद और सुरक्षा से कैसे निपटेंगे? अमीरों को अमीर बने रहने के लिए श्रमिकों की आवश्यकता होती है।'


एक अन्य प्रतिक्रिया में यूजर्स ने इसे 'एलीट सोच' का उदाहरण बताया और कहा, 'इस तरह के विचार समाज में गलत संदेश देते हैं। हर व्यक्ति को परिवार बढ़ाने का अधिकार है और इसे आर्थिक स्थिति से जोड़कर देखना उचित नहीं है।'