क्या मुनमुन सेन ने तोड़ी बॉलीवुड की पुरानी परंपराएं? जानें उनकी कहानी
मुनमुन सेन: एक Bold Icon
नई दिल्ली, 27 मार्च। हिंदी फिल्म उद्योग में शादी और बच्चों के बाद बड़े सितारों के साथ काम करना चुनौतीपूर्ण होता है, विशेषकर 80 के दशक में।
महिलाओं के लिए सिनेमा में हमेशा से कुछ नियम बनाए गए हैं, लेकिन शादीशुदा अभिनेताओं के लिए यह कभी भी एक बाधा नहीं रही। मुनमुन सेन ने इस रूढ़िवादिता को तोड़ते हुए हिंदी सिनेमा में एक नया अध्याय लिखा। उन्हें 80 के दशक की 'बोल्ड बाला' के रूप में जाना जाता है, जिन्होंने न केवल सिनेमा बल्कि बंगाल की संस्कृति को भी चुनौती दी।
28 मार्च को जन्मी मुनमुन का फिल्मों में आने का कोई इरादा नहीं था। उनकी मां, सुचित्रा सेन, भी नहीं चाहती थीं कि उनकी बेटी इस क्षेत्र में कदम रखे। लेकिन राजघराने में शादी और दो बच्चों की मां बनने के बाद, मुनमुन ने फिल्मों में करियर बनाने का निर्णय लिया। वह अपनी पहचान बनाना चाहती थीं, और पति के समर्थन से उन्होंने इस दिशा में कदम बढ़ाया।
हिंदी सिनेमा में जहां बड़ी अभिनेत्रियों के लिए भी जगह बनाना कठिन होता है, वहीं मुनमुन ने अपनी पहली फिल्म 'अंदर बाहर' में ही एक छोटे से किरदार से ध्यान आकर्षित किया। उनका किरदार एक आधुनिक महिला का था, जिसने उन्हें पहचान दिलाई। इसके बाद उन्होंने माधुरी दीक्षित के साथ '100 डेज,' 'जख्मी दिल,' तेलुगु फिल्म 'सिरिवेनेला,' 'अमर कंटक,' और 'शीशा' जैसी कई फिल्मों में काम किया। मुनमुन को हमेशा उनकी बोल्ड फिल्म च्वाइस के लिए जाना गया।
जहां सुचित्रा सेन की छवि एक गंभीर और बहुमुखी महिला की थी, वहीं मुनमुन ने बोल्ड और निडर अभिनेत्री के रूप में पहचान बनाई। उनके बोल्ड किरदारों को लेकर बंगाल में विरोध भी हुआ, और उनके विवादित फोटोशूट ने इस स्थिति को और बढ़ा दिया। मुनमुन अक्सर मैगजीन के लिए सेंसेशनल पोज देती थीं, जिसके कारण उन पर अश्लीलता फैलाने के आरोप भी लगे। फिर भी, वे 80-90 के दशक की सबसे चर्चित अभिनेत्रियों में से एक रहीं।
अभिनेत्री की निजी जिंदगी भी हमेशा चर्चा का विषय रही। उनका नाम पूर्व क्रिकेटर और पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान, प्रोड्यूसर रोमू सिप्पी, और विक्टर बनर्जी के साथ जोड़ा गया, जबकि उस समय वह शादीशुदा और दो बच्चियों की मां थीं। मुनमुन ने हमेशा अपने अफेयर की खबरों को नकारा और इमरान खान को अपना करीबी दोस्त बताया।