क्या महाराष्ट्र में रवींद्र चव्हाण के बयान ने राजनीतिक भूचाल ला दिया?
राजनीतिक विवाद का नया मोड़
महाराष्ट्र बीजेपी के अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण के हालिया बयान ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है। उन्होंने कहा कि वह दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख की यादों को उनके गृह नगर लातूर से "मिटा देंगे"। इस पर कांग्रेस पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है, और विलासराव के दोनों बेटे, अमित और रितेश देशमुख ने भी चव्हाण की टिप्पणियों पर कड़ा जवाब दिया। खासकर रितेश देशमुख ने कहा कि उनके पिता की विरासत हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेगी।
चव्हाण का बयान और कांग्रेस की प्रतिक्रिया
सोमवार को लातूर में बीजेपी कार्यकर्ताओं की सभा में, चव्हाण ने लोगों से हाथ उठाने और "भारत माता की जय" और "वंदे मातरम" के नारे लगाने को कहा। इसके बाद उन्होंने कहा, "आपके उत्साह को देखकर, मैं कह सकता हूं कि विलासराव देशमुख की यादें इस शहर से मिटा दी जाएंगी।" इस पर कांग्रेस ने तुरंत प्रतिक्रिया दी, यह कहते हुए कि बीजेपी एक ऐसे नेता के योगदान को कम करने की कोशिश कर रही है जिसने अपने जीवन को राज्य के विकास के लिए समर्पित किया।
कांग्रेस का बयान
कांग्रेस ने कहा कि चव्हाण का बयान सत्ता के अहंकार और देशमुख की विरासत के प्रति अज्ञानता को दर्शाता है। पार्टी ने यह भी कहा कि लातूर के लोग देशमुख की यादों को कभी नहीं मिटा सकते। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी नेता लातूर यात्रा के दौरान "सत्ता के नशे में" गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणियाँ कर रहे हैं।
अमित देशमुख की प्रतिक्रिया
कांग्रेस नेता अमित देशमुख ने चव्हाण के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि लातूर के लोग अपने 'सक्षम और प्रतिभाशाली बेटे' का अपमान सहन नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि चव्हाण की टिप्पणियाँ दुखद हैं और इससे लातूर के लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंची है।
रितेश देशमुख का भावुक जवाब
विलासराव के बेटे रितेश ने चव्हाण के बयान पर भावुक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "जो व्यक्ति लोगों के लिए काम करता है, उसका नाम दिल में बस जाता है। जो लिखा है उसे मिटाया जा सकता है, लेकिन जो दिल में बस गया है उसे नहीं मिटाया जा सकता।" उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।