क्या मलयालम फिल्मों में चोरी हो रही है? R. श्रीलेखा ने शेन निगम पर लगाए गंभीर आरोप!
केरल की पहली महिला डीजीपी का विवादित बयान
तिरुवनंतपुरम, 16 जून। केरल की पहली महिला पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और वर्तमान भाजपा पार्षद आर. श्रीलेखा ने मलयालम अभिनेता शेन निगम की फिल्मों 'दृढ़म' और 'भूतकालम' पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि इन फिल्मों की कहानियां उनके द्वारा लिखी गई रचनाओं से प्रेरित हैं।
सेवानिवृत्त होने के बाद, श्रीलेखा ने भाजपा में शामिल होकर पिछले साल तिरुवनंतपुरम कॉर्पोरेशन चुनाव में पार्षद का पद हासिल किया।
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में, उन्होंने बताया कि हाल ही में रिलीज हुई फिल्म 'दृढ़म' उनकी कहानी की नकल करके बनाई गई है।
श्रीलेखा ने कहा कि फिल्म की मुख्य कहानी उनकी शॉर्ट स्टोरी 'करिनकुडी पुलिस स्टेशन' से ली गई थी, जिसे उन्होंने कई साल पहले लिखा था और जो 'मातृभूमि वीकली' में प्रकाशित हुई थी।
उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें अपनी कहानी और फिल्म के बीच समानता का एहसास 'दृढ़म' देखने के बाद हुआ।
श्रीलेखा ने अपने आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर कहानी के ऑडियो वर्शन का लिंक साझा किया, ताकि लोग इसे सुन सकें।
इसके अलावा, उन्होंने शेन निगम की दूसरी फिल्म 'भूतकालम' पर भी ऐसे ही आरोप लगाए। यह फिल्म दर्शकों द्वारा सराही गई और कई पुरस्कार भी जीते।
उनका कहना है कि यह फिल्म 'भूत भवनम' नाम की एक अनुभव-आधारित कहानी पर आधारित थी, जिसे उन्होंने तीन साल पहले अपने यूट्यूब चैनल पर साझा किया था।
श्रीलेखा ने यह भी बताया कि दोनों रचनाओं के शीर्षक में समानता स्पष्ट है।
उन्होंने फिल्म निर्माताओं पर आरोप लगाते हुए अपने यूट्यूब चैनल पर अपनी दोनों कहानियों के लिंक साझा किए।
उन्होंने कहा कि दोनों फिल्मों में शेन निगम मुख्य भूमिका में हैं।
हालांकि, श्रीलेखा ने यह स्पष्ट किया कि भले ही उन्होंने निर्माताओं के खिलाफ शिकायतें की हों, लेकिन उनके मन में शेन निगम के प्रति विशेष लगाव है।
उन्होंने कहा कि 'परवा' फिल्म देखने के बाद से ही उन्हें यह अभिनेता पसंद है।
भाजपा नेता ने कहा कि वह शेन को एक युवा पुलिस अधिकारी के रूप में देखती हैं, जिन्होंने उनके साथ काम किया और जिन्हें वह छोटे भाई की तरह मानती हैं।
श्रीलेखा ने 'दृढ़म' में शेन के पुलिस अधिकारी के किरदार का जिक्र करते हुए कहा कि यह किरदार उन्हें मोहम्मद नाम के एक पुलिसकर्मी की याद दिलाता है, जो उन्हें आम के पौधे, शुद्ध शहद और घी उपहार में दिया करते थे।
श्रीलेखा के आरोपों ने मलयालम सिनेमा में कहानी के अधिकार और मौलिकता के मुद्दे पर एक नई बहस को जन्म दिया है।