क्या बदल गया है टीवी का रंग? अंगद हसीजा ने साझा की अपनी राय
अंगद हसीजा का टीवी के बदलते स्वरूप पर नजरिया
मुंबई, 17 अगस्त। 'सपना बाबुल का...बिदाई' में आलेख के किरदार से मशहूर हुए अभिनेता अंगद हसीजा ने हाल ही में एक इंटरव्यू में टीवी की दुनिया में आए बदलावों पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने बताया कि पहले के समय में एक धारावाहिक कई वर्षों तक दर्शकों के दिलों में बसा रहता था, जबकि अब चैनल दर्शकों की पसंद और वर्तमान घटनाओं पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
अंगद ने कहा, ''समय के साथ टीवी का स्वरूप काफी बदल गया है। पहले एक खास तरह का ड्रामा देखने को मिलता था, लेकिन अब चैनल दर्शकों की रुचियों के अनुसार कहानियां पेश कर रहे हैं।''
उन्होंने आगे कहा, ''निर्देशकों की सोच अब पहले से ज्यादा स्पष्ट हो गई है। उन्हें पता है कि किसी दृश्य को कैसे प्रस्तुत करना है और उसे कैमरे में कैसे कैद करना है। दर्शकों के पास अब पहले से अधिक विकल्प हैं, जिससे उनकी पसंद में भी बदलाव आया है।''
जब उनसे पूछा गया कि उन्हें पुराने टीवी का कौन सा पहलू सबसे ज्यादा याद आता है, तो उन्होंने लंबे समय तक चलने वाले धारावाहिकों का जिक्र किया। उन्होंने कहा, ''पहले सीरियल चार से पांच साल तक चलते थे, जिससे कलाकार और दर्शक एक-दूसरे से गहरे जुड़ जाते थे। आजकल इतने लंबे समय तक चलने वाले शो कम ही देखने को मिलते हैं।''
अंगद ने कहा, ''हालांकि वर्तमान टीवी में सुधार हुआ है, लेकिन पुराने लंबे धारावाहिकों की कमी महसूस होती है। पहले कोई शो चार या पांच साल तक चलता था, लेकिन अब ऐसा कम ही होता है। फिर भी, आज के टीवी में कहानियों की विविधता कहीं अधिक है।''
उन्होंने टेलीविजन में बढ़ती प्रतिस्पर्धा पर भी चर्चा की, ''पहले टीवी के पास मुकाबले के लिए इतने विकल्प नहीं थे, लेकिन अब छोटे फॉर्मेट के शो और वेब सीरीज ने मनोरंजन की दुनिया को बदल दिया है। दर्शकों के पास अब चुनने के लिए बहुत कुछ है और कलाकारों के लिए भी नए अवसर खुल गए हैं।''
अंगद हसीजा को 2007 में 'सपना बाबुल का... बिदाई' में आलेख के किरदार से पहचान मिली थी। इसके बाद उन्होंने 'तेरा रंग चढ़ेया' में जिमी ढिल्लों के रूप में भी दर्शकों का ध्यान खींचा। वर्तमान में, वह 'तुम से तुम तक' में यश वर्धन का किरदार निभा रहे हैं।
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पीके/पीएम