×

क्या पिता बनने के बाद विक्रांत मैसी की जिंदगी में आया बड़ा बदलाव? जानें उनकी कहानी!

अभिनेता विक्रांत मैसी अपनी नई फिल्म 'मुसाफिर कैफे' के प्रमोशन के दौरान पिता बनने के अनुभव को साझा करते हैं। उन्होंने बताया कि कैसे उनके बेटे के जन्म ने उनकी जिंदगी को बदल दिया है। विक्रांत का मानना है कि हर बच्चा अपने साथ भाग्य और आशीर्वाद लेकर आता है। जानें उनकी कहानी और फिल्म के बारे में और भी दिलचस्प बातें।
 

विक्रांत मैसी की नई फिल्म और पिता बनने का अनुभव


मुंबई, 21 जुलाई। अभिनेता विक्रांत मैसी इन दिनों अपनी आगामी फिल्म 'मुसाफिर कैफे' के चलते सुर्खियों में हैं। '12वीं फेल' के अभिनेता ने एक विशेष बातचीत में साझा किया कि पिता बनने के बाद उनकी जिंदगी में क्या बदलाव आए हैं।


विक्रांत का मानना है कि हर बच्चा अपने साथ भाग्य और आशीर्वाद लेकर आता है। उन्होंने कहा, "मैं इस बात पर पूरी तरह से विश्वास करता हूं। हमारे परिवार में कहा जाता है कि हर बच्चा अपनी किस्मत लेकर आता है, और मैं भी यही मानता हूं। मेरे बेटे के जन्म के बाद मेरी जिंदगी में बहुत कुछ बदल गया है। मैं इससे ज्यादा कुछ नहीं मांग सकता था। इसके लिए मैं दिल से आभारी हूं।"


गौरतलब है कि विक्रांत और उनकी पत्नी शीतल ठाकुर ने 18 फरवरी 2022 को हिमाचल प्रदेश में पारंपरिक वैदिक रीति-रिवाजों से विवाह किया था। इससे पहले, उन्होंने 14 फरवरी (वैलेंटाइन डे) को मुंबई में कोर्ट मैरिज की थी। फरवरी 2024 में उन्होंने अपने बेटे वरदान का स्वागत किया।


अभिनेता जल्द ही दिव्य प्रकाश दुबे के प्रसिद्ध हिंदी उपन्यास पर आधारित फिल्म 'मुसाफिर कैफे' में दिखाई देंगे। इस फिल्म में विक्रांत मैसी के साथ वेदिका पिंटो और महिमा मकवाना भी हैं। इसके अलावा, आदिल हुसैन, राजीव सिद्धार्थ और लवलीन मिश्रा भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आएंगे।


रुचिर अरुण द्वारा निर्देशित इस फिल्म का निर्माण टेरिबली टाइनी टेल्स (टीटीटी) और होममेड स्टोरीज द्वारा किया गया है, जिसमें विक्रांत मैसी सह-निर्माता भी हैं। हाल ही में फिल्म का ट्रेलर जारी किया गया है, जिसे दर्शकों से शानदार प्रतिक्रिया मिल रही है।


फिल्म की कहानी चंदर मोहन शर्मा (विक्रांत मैसी) के इर्द-गिर्द घूमती है, जिनकी भविष्य की योजनाएं तब बदल जाती हैं जब उनकी मुलाकात सुधा (वेदिका पिंटो) से होती है। सुधा एक स्वतंत्र तलाकशुदा वकील हैं, जो चंदर को जीवन को खुलकर जीने की प्रेरणा देती हैं। बाद में, चंदर की जिंदगी में प्रीति (महिमा मकवाना) आती है, जो उनके जीवन में शांति और नया अर्थ लाती है।