×

क्या दिलीप की बरी होने की कहानी में नया मोड़ आया? केरल सरकार ने हाईकोर्ट में दी चुनौती!

केरल हाईकोर्ट ने 2017 के चर्चित अभिनेत्री अपहरण मामले में अभिनेता दिलीप और अन्य आरोपियों के बरी होने के खिलाफ राज्य सरकार की अपील स्वीकार कर ली है। इस मामले में सजा बढ़ाने की मांग भी की गई है। जानें इस मामले में क्या नया मोड़ आया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया क्या होगी।
 

केरल हाईकोर्ट में दिलीप के खिलाफ अपील




कोच्चि, 22 जून। 2017 में केरल फिल्म उद्योग को हिलाकर रख देने वाले चर्चित अभिनेत्री अपहरण मामले में एक नया घटनाक्रम सामने आया है। केरल हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की उस अपील को स्वीकार कर लिया है, जिसमें अभिनेता दिलीप और अन्य तीन आरोपियों को बरी किए जाने के फैसले को चुनौती दी गई है।


राज्य सरकार ने उन आरोपियों की सजा बढ़ाने की भी मांग की है, जिन्हें निचली अदालत ने दोषी ठहराया था।


यह अपील उस समय दायर की गई थी जब पिनाराई विजयन की सरकार सत्ता में थी। अब केरल हाईकोर्ट की खंडपीठ ने इस मामले पर विचार करना शुरू कर दिया है। न्यायमूर्ति राजा विजयराघवन वी और न्यायमूर्ति केवी जयकुमार की पीठ ने इस अपील को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है।


राज्य सरकार ने दिलीप समेत चार लोगों के बरी होने पर आपत्ति जताई है। अपील में चार्ली थॉमस, सनील कुमार उर्फ मेस्थिरी सनील और सरथ जी. नायर का नाम भी शामिल है।


अभियोजन पक्ष का आरोप है कि इन व्यक्तियों ने अभिनेत्री के अपहरण और हमले की साजिश में भूमिका निभाई थी। केरल हाईकोर्ट उन दोषी आरोपियों की अपील पर भी सुनवाई कर रहा है, जिन्होंने अपनी सजा और दोषसिद्धि को चुनौती दी है।


सोमवार को जब मामला अदालत में आया, तब यह जानकारी दी गई कि वरिष्ठ अधिवक्ता वी. अजयकुमार को राज्य सरकार की ओर से विशेष लोक अभियोजक नियुक्त किया गया है। उन्होंने निचली अदालत में भी राज्य सरकार का पक्ष रखा था।


सुनवाई के दौरान, केरल हाईकोर्ट ने निचली अदालत के रिकॉर्ड मंगवाने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि दोषी ठहराए गए आरोपियों द्वारा दायर सजा निलंबन याचिकाओं पर दो सप्ताह बाद सुनवाई की जाएगी। इन याचिकाओं में मुख्य आरोपी सुनील एन. एस. उर्फ पल्सर सुनी भी शामिल है।


पिछले साल दिसंबर में एर्नाकुलम की प्रधान जिला एवं सत्र अदालत ने इस मामले में छह आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 20 साल की सजा सुनाई थी। हालांकि, अभिनेता दिलीप को बरी कर दिया गया था। अभियोजन पक्ष ने उन्हें कथित साजिश का मास्टरमाइंड बताया था, लेकिन अदालत ने कहा कि उनके खिलाफ साजिश के आरोप साबित नहीं हुए हैं।


यह मामला फरवरी 2017 की उस घटना से संबंधित है, जिसमें एक प्रसिद्ध मलयालम अभिनेत्री को त्रिशूर से कोच्चि जाते समय कथित तौर पर किडनैप किया गया था और चलती गाड़ी में उसके साथ मारपीट की गई थी। इस घटना ने पूरे केरल और फिल्म जगत को हिलाकर रख दिया था।