क्या झारखंड के छात्रों की मांगें सुनेंगे सरकार? पीयूष मिश्रा का समर्थन जारी!
झारखंड में छात्रों का आंदोलन जारी
रांची, 9 अगस्त। झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली और पेपर लीक के आरोपों के खिलाफ छात्रों का आंदोलन 16वें दिन भी जारी है। रविवार को रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में प्रदर्शन कर रहे छात्रों से अभिनेता और थिएटर कलाकार पीयूष मिश्रा ने मुलाकात की। उन्होंने कहा कि उन्हें प्रदर्शनकारियों के बीच आकर खुशी हुई और उन्हें उम्मीद है कि सरकार और छात्रों के बीच का विवाद जल्द सुलझ जाएगा।
मीडिया से बातचीत करते हुए पीयूष मिश्रा ने कहा, ''यहां आकर मुझे बहुत अच्छा लगा। मैंने सभी से मुलाकात की और बहुत मजा आया, इसलिए मैं फिर आया हूं।''
उन्होंने आगे कहा, ''सोमवार को मेरी एक बैठक है और मुझे उम्मीद है कि इस मुद्दे को बातचीत के जरिए सुलझाने की कोशिश होगी। सरकार को राज्य चलाना है और उसके सामने अपनी मजबूरियां और संभावनाएं हैं। इसलिए मैं आशा करता हूं कि सरकार छात्रों की मांगों पर कोई समाधान निकालेगी।''
पीयूष मिश्रा ने छात्रों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा, ''छात्रों ने अब तक शांति बनाए रखी है और मुझे उम्मीद है कि आगे भी कोई अप्रिय स्थिति नहीं होगी। आंदोलन को शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ाना आवश्यक है, क्योंकि किसी भी गलत घटना से पूरे मामले पर असर पड़ सकता है।''
इससे पहले भी, पीयूष मिश्रा ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में प्रदर्शनकारी छात्रों से मुलाकात की थी। उन्होंने कहा था, ''सोशल मीडिया पर छात्रों के इंटरव्यू देखने के बाद उनकी स्थिति ने मुझे प्रभावित किया। छात्रों की आंखों में दर्द देखकर मैंने रांची आने का निर्णय लिया। मेरा यहां आने का कोई राजनीतिक उद्देश्य नहीं है, मैं युवाओं के साथ खड़ा होने आया हूं।''
धरनास्थल पर, पीयूष मिश्रा ने छात्रों के बीच अपनी फिल्म 'गुलाल' का प्रसिद्ध गीत 'आरंभ है प्रचंड' भी गाया। जैसे ही उन्होंने गाना शुरू किया, प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं ने भी उनके साथ सुर मिलाया, जिससे माहौल जोश और उत्साह से भर गया।
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्र संगठनों का आंदोलन कई दिनों से चल रहा है। प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों का आरोप है कि भर्ती परीक्षाओं में लगातार देरी हो रही है और कई परीक्षाओं में पेपर लीक या अन्य गड़बड़ियों की शिकायतें सामने आई हैं। छात्र 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
प्रदर्शनकारी 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करने, कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराने और भर्ती परीक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं। कुछ संगठनों ने पूरे मामले की जांच सीबीआई और ईडी जैसी केंद्रीय एजेंसियों से कराने की भी मांग की है।
सरकार और छात्र संगठनों के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है। शनिवार को भी सरकार की पांच सदस्यीय समिति ने विभिन्न छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की थी। सरकार ने कहा है कि छात्रों और अन्य संबंधित पक्षों के सुझाव लिए जा रहे हैं और उनके आधार पर आगे की नीति तैयार करने की कोशिश की जाएगी। हालांकि, अभी तक सभी मांगों पर सहमति नहीं बन पाई है।