क्या जानते हैं आप मिथुन चक्रवर्ती की रूस में अद्भुत लोकप्रियता के बारे में?
मिथुन चक्रवर्ती: एक अद्वितीय सफर
मुंबई, 15 जून। बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती को 'डिस्को डांसर' के नाम से जाना जाता है, लेकिन एक समय ऐसा भी था जब उनकी लोकप्रियता रूस और पूर्व सोवियत संघ में किसी अंतरराष्ट्रीय सुपरस्टार से कम नहीं थी। वहां के लोग उनके डांस स्टाइल की नकल करते थे, उनके जैसे कपड़े पहनते थे और उनकी फिल्मों का बेसब्री से इंतजार करते थे। इस सफलता के पीछे उनकी मेहनत और संघर्ष की एक लंबी कहानी है।
मिथुन चक्रवर्ती का जन्म 16 जून 1950 को कोलकाता में हुआ। उनका असली नाम गौरांग चक्रवर्ती है। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने पुणे के फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट से अभिनय की शिक्षा ली। भाई की आकस्मिक मृत्यु के बाद उन्होंने परिवार के साथ रहने और नए रास्ते पर चलने का निर्णय लिया।
उनका फिल्मी करियर 1976 में 'मृगया' से शुरू हुआ। इस फिल्म में उनके अभिनय को इतनी सराहना मिली कि उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला। हालांकि, उनके लिए रास्ता आसान नहीं था। कई वर्षों तक उन्हें संघर्ष करना पड़ा। 1982 में आई फिल्म 'डिस्को डांसर' ने उनकी जिंदगी बदल दी। फिल्म में निभाए गए 'जिमी' के किरदार और इसके गाने लोगों के दिलों में बस गए। भारत में तो यह फिल्म सुपरहिट रही, लेकिन इसकी असली गूंज रूस और सोवियत संघ में सुनाई दी।
रूस में दर्शकों ने मिथुन को सिर आंखों पर बिठा लिया। उस समय अमिताभ बच्चन, धर्मेंद्र और जीतेंद्र जैसे कलाकारों का बोलबाला था, लेकिन मिथुन चक्रवर्ती के डांस स्टेप्स की नकल करने वाले बच्चे और बड़े सभी थे। कई लोग उनकी तरह हेयरस्टाइल रखते थे और उनके पोस्टर अपने घरों में लगाते थे। रूस में उनकी लोकप्रियता इतनी अधिक थी कि कई रिपोर्टों में उन्हें भारत के सबसे बड़े चेहरों में से एक बताया गया। उनकी फिल्में वहां बार-बार दिखाई जाती थीं और दर्शक उन्हें देखने के लिए थिएटरों में उमड़ पड़ते थे।
इसके बाद मिथुन ने 'प्यार झुकता नहीं', 'कमांडो', 'डांस डांस', 'कसम पैदा करने वाले की', 'अग्निपथ' जैसी कई सफल फिल्मों में काम किया। हालांकि, उनके करियर में कठिन समय भी आया। 1993 से 1998 के बीच उनकी लगातार 33 फिल्में असफल रहीं, लेकिन इसके बावजूद उनका स्टारडम बरकरार रहा।
मिथुन केवल एक अभिनेता नहीं, बल्कि एक सफल व्यवसायी भी हैं। होटल उद्योग में भी उन्होंने अपनी पहचान बनाई है। अभिनय के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें तीन राष्ट्रीय पुरस्कार मिले हैं। साल 2024 में उन्हें भारतीय सिनेमा के सर्वोच्च सम्मान, दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से भी सम्मानित किया जाएगा। मिथुन चक्रवर्ती आज भी फिल्मों में सक्रिय हैं और उनके अभिनय की प्रशंसा होती रहती है।