×

क्या जानते हैं आप नरेश अय्यर के बारे में? जानें इस युवा गायक की प्रेरणादायक कहानी!

नरेश अय्यर, एक प्रतिभाशाली गायक, जिन्होंने 'सुपर सिंगर' से अपने करियर की शुरुआत की, आज बॉलीवुड में एक जाना-माना नाम बन चुके हैं। उनकी आवाज ने एआर रहमान जैसे दिग्गजों का ध्यान खींचा और उन्हें कई हिट गाने गाने का मौका मिला। जानें उनकी प्रेरणादायक यात्रा और कैसे उन्होंने संगीत की दुनिया में अपनी पहचान बनाई।
 

नरेश अय्यर: एक प्रतिभाशाली गायक की यात्रा


मुंबई, 2 जनवरी। बॉलीवुड के गानों का जादू न केवल भारत में, बल्कि विदेशों में भी छाया हुआ है। इन गानों के पीछे संगीतकारों और गायकों की कड़ी मेहनत होती है। ऐसे ही एक उभरते हुए और प्रतिभाशाली गायक हैं नरेश अय्यर, जिनकी आवाज हर किसी के दिल को छू जाती है। दिलचस्प बात यह है कि नरेश ने अपने करियर की शुरुआत टीवी के रियलिटी शो 'सुपर सिंगर' से की।


उन्हें उस समय यह नहीं पता था कि उनकी आवाज इतनी खास होगी कि एआर रहमान जैसे दिग्गज संगीतकार उनके गाने सुनकर प्रभावित होंगे और उन्हें फिल्मों में गाने का मौका देंगे।


नरेश अय्यर का जन्म 3 जनवरी 1981 को मुंबई में हुआ। उनके माता-पिता खुद शास्त्रीय संगीत के गायक थे, जिससे उनके घर में संगीत का माहौल हमेशा बना रहा। नरेश ने संगीत को स्कूल की पढ़ाई की तरह सीखा।


बचपन से ही गायन में रुचि रखने वाले नरेश ने धीरे-धीरे अपनी आवाज और गायिकी को निखारा। किशोर कुमार, मोहम्मद रफी और मन्ना डे उनके पसंदीदा गायक रहे हैं।


इसके अलावा, केके, चित्रा और एसपी बालासुब्रमण्यम जैसी आवाजों ने भी उनके संगीत की समझ को और गहरा किया।


नरेश ने अपने करियर की शुरुआत चैनल वी के 'सुपर सिंगर' शो में भाग लेकर की। इस प्रतियोगिता ने उनके जीवन की दिशा बदल दी। वहां उनकी आवाज को सुनकर एआर रहमान ने उन्हें फिल्म 'रंग दे बसंती' के लिए चुना। उनके गाए 'रुबरू' और 'पाठशाला' गाने बेहद लोकप्रिय हुए। उनकी आवाज में एक अनोखी ऊर्जा और मिठास थी, जिसने दर्शकों और संगीतकारों का ध्यान खींचा।


इसके बाद, नरेश ने कई फिल्मों में गाने गाए। 'जाने तू या जाने ना' के गाने 'पप्पू कैंट डांस साला' और 'नजरें मिलाना नजरें चुराना' ने उन्हें युवाओं के बीच बहुत लोकप्रिय बना दिया। इसके अलावा, उन्होंने 'दिल्ली 6' में 'काला बंदर' जैसे गानों में भी अपनी गायिकी का जादू बिखेरा। नरेश ने हिंदी के साथ-साथ तमिल, तेलुगु, मलयालम और कन्नड़ फिल्मों में भी गाने गाए हैं।


उनकी मेहनत और प्रतिभा के चलते उन्हें कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। 'रुबरू' के लिए उन्होंने राष्ट्रीय पुरस्कार जीता, और अपने करियर के पहले ही साल में फिल्मफेयर पुरस्कार भी प्राप्त किया।