क्या ए. आर. रहमान को 'रामायण' में काम करने का मौका साम्प्रदायिक भेदभाव को दर्शाता है? सलीम मर्चेंट का जवाब
सलीम मर्चेंट का ए. आर. रहमान पर बयान
नई दिल्ली, 8 मार्च। हाल ही में प्रसिद्ध संगीतकार ए. आर. रहमान के एक बयान ने फिल्म इंडस्ट्री में नई चर्चा को जन्म दिया है। रहमान ने एक साक्षात्कार में कहा कि उन्हें पहले की तरह बॉलीवुड में काम के प्रस्ताव कम मिल रहे हैं, और इसके पीछे साम्प्रदायिक सोच का भी हाथ हो सकता है। उनके इस बयान पर अब सलीम मर्चेंट ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।
सलीम मर्चेंट ने कहा कि अगर उन्हें 'रामायण' जैसी फिल्म में काम करने का अवसर मिल रहा है, तो यह स्पष्ट है कि उनके साथ कोई साम्प्रदायिक भेदभाव नहीं हो रहा है।
सलीम मर्चेंट ने मीडिया से बातचीत में कहा, ''मैं ए. आर. रहमान का बहुत आदर करता हूं। उनकी बात को पूरी तरह से नकारा नहीं किया जा सकता, क्योंकि हर कलाकार का अनुभव भिन्न होता है। संभव है कि रहमान ने अपने करियर में कुछ ऐसे अनुभव किए हों, जिनके कारण उन्हें ऐसा महसूस हुआ हो, लेकिन मेरा मानना है कि पूरी फिल्म इंडस्ट्री को एक ही नजर से देखना उचित नहीं है। यह मेरी व्यक्तिगत राय है और जरूरी नहीं कि हर कोई इससे सहमत हो।''
उन्होंने अपने विचार को स्पष्ट करते हुए उदाहरण दिया। सलीम ने कहा, ''अगर ए. आर. रहमान को भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक 'रामायण' के लिए संगीत तैयार करने का मौका मिल रहा है, तो यह मानना कठिन है कि उनके साथ किसी प्रकार का साम्प्रदायिक पक्षपात हो रहा है।
'रामायण' एक हिंदू पौराणिक कथा पर आधारित प्रोजेक्ट है, और यदि इस फिल्म के लिए रहमान को चुना गया है, तो यह दर्शाता है कि इंडस्ट्री में उनके काम और प्रतिभा का सम्मान किया जाता है। यह केवल उनका दृष्टिकोण है।''